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Sunday, November 22, 2020

BIHAR NEWS:शक्ति यादव अपनी हार को HC में देंगे चुनौती, JDU बोली-RJD नेताओं को कोर्ट जाने का विशेषाधिकार


पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव परिणाम का मामला अब कोर्ट में सुलझाने की तैयारी चल रही है. आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने अपनी हार को पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) में चुनौती देने का फैसला लिया है. 23 तारीख को शक्ति यादव हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे. महागठबंधन के एक दर्जन ऐसे उम्मीदवार हैं जो काफी कम अंतर से चुनाव हारे हैं. ऐसे उम्मीदवार अब न्यायालय की शरण में जाएंगे. वहीं, जेडीयू ने मामले पर चुटकी लेते हुए कहा है कि आरजेडी नेताओं को न्यायालय जाने का विशेषाधिकार प्राप्त है.

दरअसल, महागठबंधन के एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार अपनी हार को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

आरजेडी के हिलसा से उम्मीदवार शक्ति यादव उन्हीं उम्मीदवारों में से एक हैं. शक्ति यादव ने कहा, 'मैं न्याय के लिए न्यायालय जाऊंगा. मेरे साथ अन्याय हुआ है. काउंटिंग के बाद मैं 549 मतों से जीत गया था. 8-9 नंबर के टेबल पर गड़बड़ी हुई. सारे उम्मीदवार परिणाम के बाद जा चुके थे. जेडीयू के भी उम्मीदवार जा चुके थे. वीडियो फुटेज में सबकुछ है. बाद में मुझे 12 मतों से हारा हुआ बताया गया. कंप्यूटर टैबलेटिंग में गड़बड़ी हुई. जेडीयू के उम्मीदवार के 90 मतों को 190 बना दिया गया. मैं 23 तारीख को पटना हाईकोर्ट में अपील करूंगा. मैं ये चाहता हूं कि न्यायालय ऐसा फैसला दे ताकि दूसरों के लिए भी मामला नजीर बन सके. भोरे सीट पर भी जेडीयू उम्मीदवार हार गए थे फिर रीकाउंटिंग के जरिए उन्हें जिताया गया. बरबीघा में गजानंद शाही के साथ भी वही हुआ. लोकतंत्र के लिए इस तरह की कवायद बेहद दुखद है.'

वहीं, कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवारों के कोर्ट जाने के फैसले को सही बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा है कि महागठबंधन के एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों को रीकाउंटिंग कर हरा दिया गया है. महागठबंधन के ऐसे उम्मीदवार न्यायालय जाएंगे. चुनाव आयोग की गाईडलाईन का पालन कई रीटर्निंग अफसर ने नहीं किया है. कई जगहों पर पोस्टल मतों की गिनती बाद में कराई गई. कोर्ट ऐसे पदाधिकारी पर कार्रवाई करे, ताकि ऐसी गलती कोई दोबारा भविष्य में न कर पाए.

इधर, जेडीयू ने आरजेडी उम्मीदवारों के फैसले पर चुटकी ली है. जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा है कि लोकतंत्र में सबको अधिकार न्यायालय जाने का है. आरजेडी को तो विशेषाधिकार प्राप्त है. क्योंकि जमानत लेना, जेल में रहना, मुकदमा झेलना, इनके नेताओं के स्वभाव में है. चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल है तो न्यायालय जा सकते हैं उम्मीदवार.

महागठबंधन के कम वोटों से हारें उम्मीदवारों की सूची देखें तो उनमें-

  • आरजेडी और जेडीयू के बीच हिलसा विधानसभा सीट पर कांटे का मुकाबला था. लेकिन जेडीयू के कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया ने आरजेडी के अत्री मुनी उर्फ शक्ति सिंह यादव को महज 12 वोटों से हरा दिया.
  • गोपालगंज जिले की भोरे विधानसभा सीट पर जेडीयू के प्रत्याशी सुनील कुमार ने महागठबंधन की सहयोगी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माले) के जितेंद्र पासवान को 462 वोटों से हराया.
  • शेखपुरा जिले में पड़ने वाले बरबीघा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार गजानंद शाही जेडीयू के सुदर्शन कुमार से महज 113 वोटों से चुनाव हार गए.
  • बेगूसराय जिले की बछवारा विधानसभा सीट पर बीजेपी के सुरेंद्र मेहता ने सीपीआई के अवधेश कुमार राय को महज 464 वोटों से हराया.
  • चकाई विधानसभा सीट पर आरजेडी प्रत्याशी सावित्री देवी को निर्दलीय उम्मीदवार सुमित कुमार सिंह ने 581 वोटों से हराया.
  • खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट पर आरजेडी के प्रत्याशी दिगंबर प्रसाद तिवारी को जेडीयू के संजीव कुमार से 951 वोटों से हराया.
  • मुंगेर विधानसभा सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी प्रणव कुमार ने आरजेडी उम्मीदवार अविनाश कुमार विद्यार्थी को 1244 वोटों से हरा दिया.
  • सकरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उमेश कुमार राम को जेडीयू के अशोक कुमार ने 1537 मतों से चुनाव हरा दिया.
  • सहरसा जिले की महिषी विधानसभा सीट पर जेडीयू के गंजेश्वर शाह ने आरजेडी के उम्मीदवार गौतम कृष्णा को 630 वोटों से हराया.
  • झाझा विधानसभा सीट पर आरजेडी के राजेंद्र प्रसाद को जेडीयू के दामोदर रावत ने 1679 मतों हराया.