गलतियाँ
- > मोबाइल का इस्तेमाल जादा करना: आज के इस आधुनिक युग में मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत जादा होने लगा है. हर कोई इनका इस्तेमाल करता है. और यही हमारे आँखों के लिए सबसे बड़ी समस्या है. ये चीजें हमारे आँखों को बहुत नुकसान पहुंचाते है. इनके स्क्रीन से निकलने वाली रेडिएशन हमारे आँखों के आयरिश यानि लेंस पर डायरेक्ट पड़ती है. जो हमारे आँखों में रोशनी पहुँचाने वाले धमनियों को नुकसान पहुंचती है. इसके अलावाइनका इस्तेमाल करते समय हमारी आँखें इनके स्क्रीन पर लगातार टिकी रहती है. जिससे हमारी आँखें जरुरत के अनुसार पलक नहीं झपका पाते. क्यों की हम आँखे फाड़ फाड़ कर स्क्रीन पे लगातार देखते रहते है. इससे पलक झपकने की मात्रा में कमी आ जाती है. जिसके कारण हमारी आँखें कमजोर होने लगती है.इसीलिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल जादा नहीं करना चाहिए.
- >आराम न देना: कई लोग ऐसे भी होते है जो रात में सोने के बजाय काम करते है या फिल्म देखते है. रात में सोते समय हमारा शरीर खुद को रिकवर करता है, आँखे भी. इसीलिए अगर आप रात में नहीं सोएंगे तो आपके आँखों को तो नुकसान होगा ही साथ में पुरे शरीर को भी नुकसान होगा. और इससे तो आँखे दुगुनी तेजी से ख़राब होती है. इसीलिए रात की पूरी नींद जरुर लेनी चाहिए.
- >मसलना: कई बार हमारे आँखों में कुछ चला जाता है या खुजली होती है, तब हम अपने आँखों को मसलने लगते है. इससे हमारे आँखों पर प्रेशर पड़ता है. जिससे आँखें जल्दी ख़राब होती है. मसलने के बजाय आप आँखों में पानी के छींटे मारकर साफ़ कर सकते है. और हल्का हल्का मसाज भी कर सकते है.
केयर
- पलकों को जादा से जादा झपकाएं
- जादा लाइट में पढ़ना या कोई और काम न करें
- सूरज की तेज किरणों से आँखों को बचाएं
- पूरी नींद लें
- धुम्रपान, तंबाकू, पान मसाला आदि का सेवन न करें
- रोजाना हरी सब्जियां खाए
- जादा से जादा पानी पिए
- आँखों का व्यायाम करें
- जादा टेंशन न लें (इससे आँखों पे बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.)
- रोज सुबह जल्दी उठ के आँखों में पानी के छींटे मारें
- कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल को नजदीक से न देखें, और जितना जरुरत हो उतना ही इस्तेमाल करें.
ये कुछ टिप्स है, जिसे फॉलो करके आप अपने आँखों को सुरक्षित रख सकते है. इसके अलावा अगर आपको चश्मा लगा है तो चश्मा लगाकर ही काम करें. किसी और का चश्मा न लगायें, लेंस लगाकर न सोयें, अगर आप दिन भर कंप्यूटर में काम करते है, तो कंप्यूटर प्रोटेक्शन ग्लासेज लगाकर काम करें. इससे आँखें ख़राब नहीं होंगी.
निवेदन
इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग है, जो जन्म से ही अंधे होते है. और कुछ ऐसे भी होते है, जो किसी कारण से अंधे हो जाते है. हम उनके दुःख को बाँट तो नहीं सकते पर उनकी मदद जरुर कर सकते है. कोई भी काम हो, ऐसे लोगो की मदद करें. और हो सके तो अपने आँखों को डोनेट करें ताकि आपकी आँखे किसी और को मिले और वो व्यक्ति इस दुनिया को देख सके. डोनेट करने का मतलब ये नहीं है, की आप अभी डोनेट करें. ऐसी कई संस्थाएं है, जो ऑय डोनेशन का कार्य करती है. उनके पास जा के आप अपने आँखों के डोनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते है. इससे होगा ये की जब भी आपकी मृत्यु होगी, तब आपकी आँखे किसी और को डोनेट कर दी जाएगी. जिससे वो व्यक्ति आपकी आँखों के जरिये इस दुनिया को देख पाएगा. और उसकी दुआ आपको लगेगी. इससे बड़ा दान और कुछ नहीं हो सकता. इसीलिए हर किसी को अपनी आँखें डोनेट करनी चाहिए.
