पूर्णिया। पूर्णिया से मधेपुरा होते हुए महेंशखूट तक निर्माणाधीन एनएच 107 से राहगीरों को सफर में राहत नहीं मिल पा रही है। जर्जर और बदहाल सड़क सालों से राहगीरों को साल रहा है। दो साल पहले शुरू हुए मरम्मत एवं चौड़ीकरण के काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि आगे एक-दो वर्ष तक काम पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। अगर इस पुनर्निमाण कार्य को गंभीरता से लेकर कार्य को नहीं किया जाएगा तो लोगों को अभी लंबा रास्ता घूमकर या हिचकोले खाकर घंटों समय व्यतीत कर इस रास्ते सफर करना होगा।
एनएच 107 के पुनर्निमाण का कार्य शुरू होते ही जमीन अधिग्रहण से लेकर वृक्ष कटाई के पेंच में फंसे कार्य फिलहाल बारिश के पानी के कारण बाधित हो रहा है। सड़क को मोटरेबुल कर समतल बनाने के लिए बिछाया गया बेडमिसाली तेज बारिश एवं सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन से उखड़ गया और फिर गडढ़ा लोगों को मुंह चिढ़ाने लगा है। सड़क फिर से जर्जर और बदहाल होकर फिर से पुराने रूप में आते जा रहा है। बारिश के पानी में प्लांट सहित निर्माण कार्य के लिए मंगाकर रखा गया मेटिरियल पानी में डूबा हुआ है। चारों ओर जलजमाव की स्थिति ऐसी है कि निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए कहीं से सूखा मिट्टी नहीं मिल पा रहा है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और बरसात के कारण सड़क अब चलने लायक नहीं रह गई है। एनएचएआई बेगुसराय के कार्यपालक अभियंता राजीव नयन बताते हैं कि बारिश ने सड़क पुनर्निमाण कार्य की गति पर ब्रेक लगा दी है। जलजमाव की स्थित ऐसी हो गई है कि पुल निर्माण सहित अन्य कार्य भी बाधित हो गया है। फिलहाल धीमी गति से चल रहे कार्य एक-दो माह बाद गति पकड़ेगा।
ट्रेन बंद होने से राहगीर को अधिक परेशानी
लॉकडाउन के कारण पूर्णिया से मधेपुरा एवं सहरसा रेलखंड पर ट्रेन का संचालन छह माह से बंद होने के कारण जर्जर एनएच 107 के कारण लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन बंद होने के कारण पूर्णिया से मधेपुरा व सहरसा आने एवं जाने के लिए सिर्फ सड़क मार्ग ही बचा। ऐसे में जर्जर और बदहाल एनएच 107 के कारण लोग रानीगंज, सुपौल होते हुए मधेपुरा एवं सहरसा का सफर 50 किमी अधिक चलकर पूरा करने को मजबूर हैं। इधर अनलॉक के दौरान बस परिचालन शुरू होने से बेडमिसाली डालकर समतल किए गए सड़क के गड्ढ़े में तब्दील होने के कारण पूरे रास्ते हिचकोले खाते हुए तीन घंटे का सफल पांच-छह घंटा में पूरा करना पड़ रहा है।
1,380 करोड़ से हो रहा एनएच का पुनर्निमाण
पूर्णिया से महेशखूंट के बीच 177 किलोमीटर लंबे एनएच 107 के पुनर्निर्माण पर 1,380 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। दो चरण में इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके लिए अगल-अलग कंपनी से एकरारनामा हुआ है। प्रथम चरण में मधेपुरा से पूर्णिया के बीच सड़क निर्माण के लिए 736 करोड़ से काम शुरू किया गया। फिर दूसरे चरण में मधेपुरा से महेशखूंट तक के लिए 644 करोड़ से काम किया जा रहा है। पूर्णिया से मधेपुरा के बीच 88 किलोमीटर सड़क पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए गैमन इंडिया, वहीं मधेपुरा से महेशखूंट के बीच 90 किलोमीटर सड़क निर्माण जीडीसीएल कंपनी करा रही है।