Kosi Live-कोशी लाइव मधेपुरा/Bihar Chunav: शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव बिहारीगंज से होंगी कांग्रेस की उम्मीदवार - Kosi Live-कोशी लाइव

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Thursday, October 15, 2020

मधेपुरा/Bihar Chunav: शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव बिहारीगंज से होंगी कांग्रेस की उम्मीदवार



लोकतांत्रिक जनता दल के प्रमुख और नीतीश कुमार के करीबी रहे पूर्व राज्यसभा सांसद शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव बुधवार सुबह कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस की सदस्यता लेने के कुछ ही घंटे बाद पार्टी ने उन्हें मधेपुरा जिले के बिहारीगंज विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। यहां उनका मुकाबला जदयू उम्मीदवार निरंजन कुमार मेहता से होगा। इससे पहले उनके राजद से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी। बेटी के लिए प्रचार नहीं कर पाएंगे शरद यादव! खराब तबियत की वजह से इस बार शरद यादव बिहार में चुनाव प्रचार करते हुए नहीं दिखेंगे। आपातकाल के बाद शायद यह पहला मौका होगा जब बिहार में चुनाव हो रहे हैं और शरद यादव वहां प्रचार के लिए न जाएं। वह हाल ही में ही एम्स से डिस्चार्ज होकर घर लौटे हैं। एम्स में भर्ती रहने के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार फोन करके उनका हाल-चाल लिया था। तब सुभाषिनी राज राव ने सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार का आभार प्रकट किया था। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए सुभाषिनी ने कहा, 'उनके पिता बीमारी के कारण बिहार में चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाए हैं।' इस बार के बिहार चुनाव में कांग्रेस, राजद और लेफ्ट पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं। इनका सीधा मुकाबला नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ रही एनडीए से होगा। बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 144 पर राष्ट्रीय जनता दल, 70 पर कांग्रेस और 29 सीटों पर लेफ्ट पार्टियां मैदान में हैं। लेफ्ट पार्टियों में सीपीएम को 4, सीपीआई को 6 और सीपीआई माले को 19 सीटें दी गई हैं। शरद यादव का गढ़ माना जाता है मधेपुरा मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले शरद यादव बिहार के मधेपुरा से साल 1991, 1996 और 2009 में जदयू की टिकट पर सांसद निर्वाचित हो चुके हैं। शरद यादव नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। लेकिन अगस्त 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल का गठन किया। हालांकि शरद यादव का यह नया प्रयोग सफल नहीं रहा।