मधेपुरा। गम्हरिया में दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस की लगातार किरकिरी हो रही है। चार दिन बितने के बाद भी हत्याकांड के मुख्य आरोपित अंशु यादव पुलिस पकड़ से बाहर है।
एसपी ने कार्य में शिथिलता व लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष सुबोध कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है।
बताया गया कि सिगियोन निवासी तपेश्वरी यादव व अंशु यादव के बीच जमीन विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। इस मामले में तपेश्वरी यादव ने अंशु के खिलाफ आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था। साथ ही पुलिस से मिलकर अंशु द्वारा जान मारने की धमकी देने की भी बात कही थी, लेकिन पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगर अंशु यादव को गिरफ्तार कर लिया जाता तो घटना नहीं होती। मामला उजागर होने पर एसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। एसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष सुबोध कुमार गुप्ता के कार्यकाल में अपराध काफी बढ़ गया है।
मालूम हो कि जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र में 13 सितंबर की रात बदमाशों ने सिंहेश्वर के जदयू प्रखंड अध्यक्ष हरेंद्र मंडल के बड़े भाई अनिल मंडल (50), रवींद्र यादव (40) व तपेश्वरी यादव (55) को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। तपेश्वरी यादव की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि अस्पताल लाने के दौरान राजेंद्र यादव ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। वहीं, गंभीर रूप से जख्मी प्रखंड अध्यक्ष के भाई का इलाज दरभंगा में चल रहा है। हत्या का मुख्य आरोपित सिगियोन निवासी अंशु यादव को बनाया गया है।
हत्या के मामले में पांच लोगों की हुई है गिरफ्तारी दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस ने अबतक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपित अंशु यादव अब भी पुलिस पकड़ से बाहर है। घटना को लेकर तीन अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं। सिगियोन निवासी तपेश्वरी हत्याकांड में अंशु सहित आठ लोग को नामजद किया गया है, जबकि रवींद्र हत्याकांड में अंशु यादव सहित छह लोग नामजद हैं। वहीं, अनिल मंडल गोलीकांड में अंशु सहित तीन लोगों को नामजद किया गया है। तीनों कांड में कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की लापरवाही के कारण हुई है घटना गम्हरिया में लगातार पुलिस लापरवाही उजागर हो रही है। एक माह पहले जदयू अध्यक्ष अशोक यादव की हत्या में भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा था। लोगों ने थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की थी, लेकिन उस मामले में कार्रवाई नहीं की गई। फलाफल क्षेत्र में अपराध बढ़ता ही गया। 14 सितंबर को बदमाशों ने छह किलोमीटर के दायरे में घूम-घूमकर घटना को अंजाम दिया। तीन लोगों को गोली मारकर जख्मी कर दिया। इसमें दो की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जिदगी व मौत के बीच झूल रहा है।
घटना के एक दिन पहले मुख्य आरोपित पर दर्ज कराया गया था मामला
तपेश्वरी यादव व अंशु यादव के बीच जमीनी विवाद को लेकर घटना के एक दिन पहले मामला दर्ज कराया गया था। पक्षों के बीच 10 सितंबर को मारपीट हुई थी। थानाध्यक्ष ने तपेश्वरी यादव ने आवेदन देकर 13 सितंबर को मामला दर्ज कराया कराया था। प्राथमिकी दर्ज के एक दिन बाद 14 सितंबर की रात को अंशु ने तपेश्वरी यादव की हत्या कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी। वहीं रवींद्र यादव व अनिल मंडल को भी गोली मार दी।