अबतक 4200 पॉज़िटिव मामले मिले हैं जिसमें से 3800 मरीज हो चुके ठीक
जांच की संख्या में हुई है बढ़ोतरी
कोविड- 19 समीक्षात्मक बैठक का हुआ आयोजन
जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये दिशा निर्देश
कोरोना योद्धा को किया गया सम्मानित
सहरसा, 18 सितम्बर 2020
कोविड- 19 महामारी संक्रमण के संदर्भ में राज्य के दस सबसे अधिक संक्रमित मरीजों की संख्या वाले जिलों में सहरसा का नाम है, जो काफी चिंताजनक एवं भयावह स्थिति बतलाता है। परंतु सहरसा जिला अन्य जिलों में जहाँ ज्यादा पॉज़िटिव मामले पाये गये थे, की स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है। जुलाई माह से जिले में व्यापक स्तर पर सेम्पलों की जाँच आरंभ की गयी जिससे कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में काफी सुधार देखने को मिला है। जिले में अबतक 4200 पॉज़िटिव मामले मिले हैं जिसमें से 3800 मरीज ठीक हो चुके हैं। वत्तर्मान में कोरोना संक्रमण के 434 पॉज़िटिव मरीज सक्रिय हैं। उक्त बातें की जानकारी विकास भवन के सभागार में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कमिर्यों के साथ कोविड- 19 संबंधी समीक्षात्मक बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार द्वारा दी गई।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वत्तर्मान में जांच के काम के लिए 25 टेकनिशियन एवं प्रशिक्षित किये गये 10 एएनएम के माध्यम से प्रति दिन 3600 से 3700 एन्टीजन टेस्ट द्वारा सेम्पल जांच करायी जाय। पहले की तरह 13 जांच केन्द्रों एवं 2 मोबाईल वैन के माध्यम से अभियान चलाकर जांच के काम में तेजी लाए। क्षेत्र में जाकर टोलों को चिन्हित कर वहाँ कैम्प मोड में टेस्टिंग करना सुनिश्चित करेंगे। कन्टेनमेन्ट जोन में विशेष शिविर आयोजित कर शत प्रतिशत व्यक्तियों की जांच करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही कहा, प्रतिदिन 8 बजे पूवार्ह्न से जांच काम आरंभ करें। अगले 15 दिनों तक सभी स्वास्थ्य कमिर्यों के अवकाश निलम्बित रहेगा।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, बाजार, सब्जी मंडी में विशेष कैम्प लगाकर होगी जांच:
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की व्यक्तिगत जबावदेही होगी कि वे जांच के लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे पॉज़िटिव मरीजों की नियंत्रण कक्ष के माध्यम से उनके स्वास्थ्य के संबंध में नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त करें। सिविल सजर्न स्वयं अपने पयर्वेक्षण में चिकित्सकों के सहयोग से आश्वस्त होने के पश्चात ही पूणर्तः स्वस्थ्य हो चुके पॉज़िटिव मरीजों को प्रोटोकॉल के अनुसार डिसचार्ज करेंगे। सभी बीएचएम, एलटी, बीसीएम की व्यक्तिगत जाबावदेही अधिक से अधिक टेस्टिंग कराने की होगी। पोटर्ल पर ससमय डाटा अपलोड करने का निदेर्श दिया गया। सिविल सजर्न को निदेर्श दिया गया कि प्रतिदिन 3600 - 3700 लक्ष्य के अनुसार किट की कमी ना हो। स्पलाई चेन को मेनटेन रखें। पहले की भांति प्रतिदिन आरटीपीसीआर के द्वारा 250 सेम्पल की जांच करें। रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, बाजार, सब्जी मंडी में विशेष कैम्प लगाकर जांच की काम करायें। उन्होने सभी स्वास्थ्य कमिर्यों को हिदायत दी कि यह आपदा का समय है। किसी प्रकार की कोताही अक्षम्य होगी।
स्वास्थ्य कमिर्यों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया सम्मानित: कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव तथा पॉज़िटिव मरीजों के इलाज प्रबंधन में लगे चिकित्सक, एएनएम, जीएनएम, टेकनिशियन, पारा मेडिकल कर्मचारियों, एम्बुलेन्स चालक, कोविड हास्पीटल/आइसोलेशन सेन्टर में भोजन कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों तथा जिला स्वास्थ्य समिति के सहित कुल 45 व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर जिलाधिकारी ने उन्हें सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड19 जांच में तेज़ी ला कर काफी सरहनीय काम किया है जिसके लिए आज उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही कहा, रिलेक्स ना हो, अभी काफी काम करना है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री राजेश कुमार सिंह , सिविल सजर्न डाॅ अवधेश प्रसाद सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।