न्यूज डेस्क: बिहार भू-विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के गांव शहरों में कई तरह के सरकारी जमीन मौजूद हैं। उन जमीनों पर कोई ना कोई व्यक्ति कब्ज़ा किये बैठा हैं। इस कब्ज़ा को हटाते के लिए सरकार जमीन का सर्वे करा रही हैं। इस सर्वे के बाद सरकारी जमीन से अवैध कब्ज़ा हटाने का काम शुरू हो जायेगा।
बिहार में ये हैं सरकारी जमीन।
बकाश्त : मिली जानकारी के मुताबिक जमींदारी उन्मूलन के पूर्व जमींदारों ने अपने पास जो जोत की जमीन रखी। उसे बिहार सरकार का जमीन माना जाता हैं।
गैर मजरुआ मालिक : अगर कोई व्यक्ति गैर मजरुआ जमीन का मालिक है तो गैर क़ानूनी हैं।
गैर मजरुआ आम: सार्वजनिक जमीन जिसका उपयोग सभी कर सकते हैं। इसे सरकारी जमीन मानी जाती हैं।
केसरे हिन्द: केसरे हिन्द की जमीन भी सरकारी जमीन होती हैं। लेकिन इसपर भारत सरकार का अधिकार होता हैं।
खास महाल: जिन जमीन पर मेला या हाट लगाया जाता है या फिर खाली रखा जाता हैं। इसकी बिक्री नहीं हो सकती। यह लीज पर दी जाती है। इसे सरकारी जमीन माना जाता हैं। सरकार इन जमीन पर अवैध कब्ज़ा किये लोगों को कभी भी हटा सकती हैं। इन जमीनों पर घर बनाना भी गैर क़ानूनी माना जाता हैं।