अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में बिहार पुलिस ने 40 पेज की रिपोर्ट सीबीआइ को सौंप दी है। मामले की जांच को लेकर बिहार पुलिस का महाराष्ट्र पुलिस का सहयोग न देने चर्चा का विषय बना है। रविवार को शिवसेना नेता संजय राउत की टिप्पणी पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने जवाब दिया है। उन्होंने लिखा है कि मुझे कितनी भी गाली दो, सुशांत को न्याय चाहिए!
बिहार DGP गुप्तेश्वर पांडे ने ट्वीट कर किया पलटवार
जीवन भर निष्पक्ष रहकर निष्ठा पूर्वक आम जनता की सेवा की है.मुझ पर बहुत तथ्यहीन अनर्गल आरोप लगाए जा रहे ,जिसका जवाब देना उचित नहीं.
हिफ़ाज़त हर किसी की मालिक बहुत खूबी से करता है !
हवा भी चलती रहती है,दीया भी जलता रहता है!!
मुझे जितनी भी गाली दो लेकिन सुशांत को न्याय चाहिए
संजय राउत ने बिहार डीजीपी पर लगाये थे ये आरोप
'बीजेपी से चुनाव के लिए टिकट मांग रहे बिहार डीजीपी'
बिहार के डीजीपी के बारे में संजय राउत ने कहा कि 2009 में वह डीआईजी रहते हुए पुलिस सेवा से वीआरएस लेकर सीधे राजनीति में कूद गए। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बक्सर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए खड़े हो गए लेकिन भाजपा के सांसद लालमुनि चौबे की बगावत करने की धमकी दिए जाने के साथ ही चौबे की उम्मीदवारी फिर बरकरार कर दी गई। इससे गुप्तेश्वर पांडे बीच में ही लटक गए. उनकी अवस्था ‘न घर के न घाट के’ जैसी हो गई। इस तरह से राजनीति में घुसने का उनका मिशन फेल हो गया। उसके बाद उन्होंने सेवा में लौटने के लिए फिर आवेदन किया। अब वह आगामी विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।
बिहार के डीजीपी के बारे में संजय राउत ने कहा कि 2009 में वह डीआईजी रहते हुए पुलिस सेवा से वीआरएस लेकर सीधे राजनीति में कूद गए। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बक्सर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए खड़े हो गए लेकिन भाजपा के सांसद लालमुनि चौबे की बगावत करने की धमकी दिए जाने के साथ ही चौबे की उम्मीदवारी फिर बरकरार कर दी गई। इससे गुप्तेश्वर पांडे बीच में ही लटक गए. उनकी अवस्था ‘न घर के न घाट के’ जैसी हो गई। इस तरह से राजनीति में घुसने का उनका मिशन फेल हो गया। उसके बाद उन्होंने सेवा में लौटने के लिए फिर आवेदन किया। अब वह आगामी विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाने की तैयारी कर रहे हैं।