मधेपुरा। महामारी बन चुकी कोरोना वायरस का संक्रमण जिले में तेजी से फैल रहा है। अब तक जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच चुका है। वहीं मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र में भी लगातार संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। शहर के वार्ड आठ एवं 12 में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद दोनों वार्डों को कंटेनमेंट जोन बनाकर क्षेत्र में कड़े नियम लागू किया गया। परंतु कंटेनमेंट जोन में पदस्थापित अधिकारियों एवं कर्मियों की लापरवाही से कोरोना विस्फोट होने की आशंका काफी बढ़ गई है। बताते चलें कि दोनों वार्ड में प्रशासन के द्वारा बांस-बल्ले से सील कर दिया गया। परंतु पदस्थापित अधिकारी एवं कर्मियों की लापरवाही से लोग नियमों का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे हैं। ड्यूटी से गायब रहते हैं मजिस्ट्रेट व अधिकारी दोनों वार्डों में पदस्थापित मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी कंटेनमेंट जोन में नियमों को सख्ती से पालन करवाने के बजाए खुद नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कंटेनमेंट जोन बनाए गए वार्ड आठ एवं बारह में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी एक या दो घंटे ड्यूटी कर खानापूर्ति कर रहे हैं। इस वजह से क्षेत्र में लोग काफी लापरवाही बरत रहे हैं। मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी के अलावा पुलिस कर्मी ड्यूटी पर रहने के बावजूद नियमों का पालन करवाने के प्रति उदासीन बने हुए हैं। बताते चलें कि कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की जिम्मेवारी पूरी तहर प्रशासन पर होती है। परंतु अधकारियों की लापरवाही से मुहल्ले के दुकानों के साथ-साथ लोग घर से बाहर जाकर सामन की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं वार्ड आठ एवं 12 में बाहर से आने एवं मुहल्ले से बाहर जाने वाले लोगों पर किसी प्रकार की भी पाबंदी नहीं होना प्रशासन की जिम्मेवारी पर सवालिया निशान है।
कंटेनमेंट जोन को नहीं किया जा रहा सैनिटाइज नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ एवं 12 में दर्जनो कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद दोनों वार्डों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील कर दिया गया है। परंतु कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के बाद मुहल्ले को सैनिटाइज नहीं करवाया जा रहा है। बताते चलें कि जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला के द्वारा जारी पत्र में दोनो कंटेनमेंट जोन वाले वार्ड को सैनिटाइज करवाने की जिम्मेवारी जिला वेक्टर वोर्न एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपा गया है। परंतु दोनों ही अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहे हैं। इससे वार्ड के लोगों में व्यवस्था के विरूद्ध काफी आक्रोश है।