सहरसा। लुधियाना की लड़की भटककर सहरसा पहुंच गयी। जिसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, गुरूवार की शाम में ही पूर्वी रेलवे कॉलोनी में रहने वाले रेलकर्मी वीरेन्द्र पासवान को रेलवे कॉलोनी में भटकती करीब 12 वर्षीय किशोरी उन्हें मिली। पूछने पर किशोरी ने अपना नाम आशिका उरांव पिता कर्ण उरांव, माता लक्ष्मी उरांव, बाड़ेवाल, मकान नंबर 302, लुधियाना बताती है।
रेलकर्मी ने बताया कि किशोरी सहरसा अपने चाचा के यहां आने के क्रम में भटककर रेलवे कॉलोनी पहुंच गई। वीरेन्द्र पासवान ने पहले अपने स्तर से इसकी खोजबीन करते हुए इसकी सूचना चाइल्ड लाइन को दी। गुरूवार की रात को ही चाइल्ड लाइन की सदस्या रेणु झा रेलवे कॉलोनी पहुंचकर मामले की जानकारी लेते हुए किशोरी को अपने साथ लेकर चली गयी। इधर चाइल्ड लाइन के बालकिशोर झा ने बताया कि किशोरी के बताए गए पते की पहचान कर उसकी तहकीकात की जा रही है। कॉर्डिनेटर बाल किशोर झा ने बताया कि किशोरी लुधियाना से पूर्णिया बस से पहुंची और पूर्णिया से सहरसा भी बस पकड़कर पहुंची है। वे बताती है कि रेलवे केालोनी के पूरब में उसके चाचा का घर है। जिसके पास जाने के लिए ही वे लुधियाना से सहरसा पहुंची थी। कोर्डिनेटर ने बताया कि उसके बताए गए पता के अनुसार उसके चाचा की तलाश की जा रही है।