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Tuesday, August 11, 2020

मधेपुरा/उदाकिशुनगंज में 100 बेड के आइसोलेशन केंद्र का हुआ शुभारंभ

मधेपुरा। अनुमंडलीय अस्पताल में बनाए गए सौ बेड के आइसोलेशन केंद्र का शुभारंभ सोमवार को एसडीएम एसजेड हसन ने की। इस दौरान एसडीएम ने सभी वार्डों, दवा भंडार एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अस्पताल केंद्र में आइसोलशन केंद्र के दूर हटकर निर्माणाधीन नर्स ट्रेनिग कालेज में जांच घर स्थापित किया गया है। जांच घर में कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए पांच चिकित्सक, आठ एएनएम, तीन वार्ड ब्याय, छह गार्ड, एक महिला गार्ड, फर्मासिस्ट को लगाया गया है। एसडीएम एसजेड जांच केंद्र, रसोईघर का निरीक्षण को ले संबंधित चिकित्सक एवं खाना बनाने वाले को कड़ी सावधानी बरतने को निर्देश दिया। मरीजों को हमेशा गर्म खाना पकाकर देने सहित अन्य बातों का ध्यान रखने को कहा। एसडीएम ने बताया कि वार्ड में कोरोना संक्रमित मरीजों को रखने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। कोरोना संक्रमण के लिए स्थाई जांच केंद्र को भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आइसोलेशन सेंटर में पूरी सावधानी बरतने को संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया है। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आइबी कुमारने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ले कोरोना पॉजिटीव मरीजों को रखने के लिए आइसोलशन सेंटर के प्रस्ताव आने के बाद कार्य करते हुए अब सेंटर को शुरू दिया गया। उन्होंने बताया कि यहां पर अब नियमित रूप से कोरोना का जांच भी होगा। इसके लिए स्थाई केंद्र बनाया गया है। मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र के लिए एक एएनएम बीमार होने के कारण एक एएनएम छुट्टी पर होने को ले जिला को पत्र लिखकर एक और एएनएम की मांग की है। आइसोलेशन केंद्र में पुरुष एवं महिलाओ के लिए अलग-अलग वार्ड बनाएं गए हैं। एक सौ कोरोना संक्रमित मरीजों को रखने की व्यवस्था की गई। यहां तीस ऑक्सीजन सिलेंडर, आइसोलेशन केंद्र में ठंडा एवं गर्म पानी की सुविधा के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध है। बताते चलें कि हरैली के आसपास सौ बेडों के आइसोलेशन सेंटर बनाए जाने को ले स्थानीय लोगों को गांव में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा सता रहा है। स्थानीय लोगो ने बताया कि गांव में बनाए गए केंद्र में संक्रमित मरीजों के रखे जाने से घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सोचने की जरूरत है। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आइबी कुमार, स्वास्थ्य प्रबन्धक संजीव कुमार वर्मा, बीएमसी मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद थे।