Kosi Live-कोशी लाइव बिहार में लॉकडाउन 5.0: निजी वाहन के लिए आज से पास की कोई आवश्यकता नहीं breaking news bihar - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Monday, June 1, 2020

बिहार में लॉकडाउन 5.0: निजी वाहन के लिए आज से पास की कोई आवश्यकता नहीं breaking news bihar


कोरोना संक्रमण के बीच बिहार में 8 जून से कई आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां शुरू होंगी। लॉकडाउन-4 की समाप्ति के आखिरी दिन गृह विभाग ने केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को बिहार में हू-ब-हू लागू करने का आदेश जारी कर दिया। लॉकडाउन को सिर्फ कंटेनमेंट जोन तक सीमित कर दिया गया है। बाकी जगहों पर मॉल, होटल और रेस्टूरेंट खुलेंगे। धार्मिक खुलेंगे और पूजा-पाठ भी होगी। हालांकि शिक्षण संस्थानों को खोलने का निर्णय जुलाई में होगा। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने केन्द्र के गाइडलाइन को लागू करने का आदेश रविवार को जारी कर दिया।

गृह मंत्रालय ने लॉक डाउन 4 की समाप्ति के पहले नई गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत राज्य के अंदर या बाहर आने जाने के लिए पास की बाध्यता नहीं रहेगी। पहले इसके लिए ई -पास लेना अनिवार्य था। हालांकि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू जारी रहेगा। इस दौरान आम लोगों की आवाजाही पर रोक होगी।

पूजा-पाठ होगी, होटल-रेस्टूरेंट भी खुलेंगे
केन्द्र सरकार ने लॉक डाउन 4 के बाद कई तरह गतिविधियों की इजाजत दे दी है। इसे चरणवार तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण यानी 8 जून से धार्मिक स्थालों पर पूजा-पाठ की इजाजत दी गई है। होटल-रेस्टूरेंट के साथ मॉल भी इसी तारीख से खोले जा सकते हैं। वहीं दूसरे चरण में स्कूल-कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। जुलाई में इसपर फैसला होगा। वहीं, तीसरे चरण में हालात की समीक्षा के बाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई सफर, मेट्रो सेवा, सिनेमा हॉल, जिम और स्वीमिंग पूल आदि को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। इसी चरण में सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े बड़े आयोजनों को कब से मंजूरी दी जाए इसपर फैसला होना है।

कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन लागू रहेगा

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बनाए गए कंटेनमेंट जोन में कोई छूट नहीं मिलेगी। कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉक डाउन रहेगा। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही यहां छूट दी गई है। वहां किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं होगी। मेडिकल इमरजेंसी की सूरत में ही लोग कंटेनमेंट जोन से बाहर जा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तय मापदंडों के आधार पर कंटेनमेंट जोन में कौन सा इलाका शामिल होगा यह डीएम तय करेंगे।