सहरसा। महाराष्ट्र के कन्नूर इस्लामिया मदरसा से आए छात्रों के दल में तीन कोरोना पॉजिटिव पाया है। संक्रमितों में एक सहरसा, एक सुपौल और एक नेपाल के सत्तर गांव का रहने वाला बताया गया। इन तीनों की रिपोर्ट मिलते ही प्रशासनिक महकमा में खलबली मच गई है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इन तीनों को अभी सहरसा के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है इसलिए इनके संपर्क में आए लोगों और चिकित्साकर्मियों का भी सैंपल जांच में भेजा जा रहा है। इनलोगों के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकारी प्राप्त की जा रही है।
डीएम ने बताया कि दूसरे प्रदेश से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। पांच मई को केन्नानूर से कोई भी लोग इस जिले से संबंधित नहीं थे, परंतु इनसबों का जांच कराया गया, इसमें कोई संक्रमित नहीं मिला। कहा कि छह मई को इस्लामिया मदरसा से विभिन्न जिले के 944 बच्चे आए। इसमें सहरसा जिले के 177 बच्चे थे। इनलोगों के थर्मल स्क्रीनिग के दौरान आठ लोगों को संदिग्ध माना गया। इन सभी को रेलवे स्टेशन से अलग कर क्वारंटाइन कर दिया गया। इनसभी का सैंपल डीएमसीएच भेजा गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट आई है। उसमें तीन का रिपोर्ट पॉजिटिव है। जिसमें सहरसा जिले के सौरबाजार के एक, सुपौल के परसा के एक और नेपाल के सत्तर गांव के एक व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि बच्चों के संबंध में उन्हें घर में ही क्वारंटाइन करने का निर्देश है इसलिए उनलोगों को हिदायत के साथ घर भेज दिया गया है। परंतु मदरसा से आए बच्चों के दल में से 40 बच्चों का रेंडम सैंपल लिया गया। उसकी रिपोर्ट भी कल तक आ जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि अबतक जिले से कुल 544 सैंपल भेजा गया है, जिसमें 44 का रिपोर्ट पेंडिग है। तीन को छोड़कर सारा रिपोर्ट निगेटिव आया है। उन्होंने ने कहा कि एहतियात के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मौके पर डीपीआरओ दिलीप कुमार देव भी मौजूद रहे।
