शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक बीते कुछ दिनों से खबरों में बना हुआ है. कभी कैरी मिनाटी के को लेकर, तो कभी आमिर सिद्दीकी के बवाल के चलते. इन सबके बीच यूट्यूब और टिकटॉक के यूजर्स के बीच जंग छिड़ गई. एक को दूसरे से बेहतर बताने की जंग. लोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे के बारे में अनाप-शनाप लिखने लगे. ट्विटर पर #BanTikTok ट्रेंड करने लगा. बात इतनी बढ़ गई कि लोगों ने गूगल प्ले स्टोर पर जाकर इन ऐप की खराब रेटिंग करनी शुरू कर दी. नतीजा ये हुआ कि Tik Tok की रेटिंग गिरकर 1.2 रह गई.
अब लगभग एक हफ्ते बाद टिकटॉक की रेटिंग में सुधार हुआ है. रेटिंग वापस 4.4 हो गई है.
लेकिन ये हुआ कैसे?
यूट्यूब के पप्पा यानी गूगल की मदद से. गूगल प्ले स्टोर के पास भी अपनी लंबी-चौड़ी टीम है, जिसने टिकटॉक की रेटिंग में आए अचानक बदलाव को नोटिस किया. और फिर दे दनादन 80 लाख नेगेटिव रिव्यू डिलीट कर दिये. ये वो रिव्यू हैं, जो यूट्यूब-टिकटॉक विवाद सामने आने के बाद किये गए. लोगों ने ऐप को कम से कम रेटिंग दी, जिसके चलते ऐप की ओवरऑल रेटिंग 4.8 से गिरकर 1.2 हो गई थी.
रेटिंग हटाने को लेकर गूगल की पॉलिसी?
अगर कोई गलत रिव्यू पोस्ट करे, एक से ज्यादा अकाउंट से रिव्यू पोस्ट करे, रेटिंग में हेर-फेर करने के लिए कुछ पोस्ट करे, तो गूगल उसे हटा सकता है.
यूजर्स को गुमराह करने के लिए, सब्जेक्ट से हटकर अगर कोई कुछ पोस्ट करे, किसी कंपनी या बिजनस का प्रचार, किसी वेबसाइट का लिंक, किसी की ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर भी अगर कोई पोस्ट करता है, तो उसे हटाया जा सकता है. कोई भी प्राइवेट जानकारी, अश्लील कॉन्टेंट, कुछ भी गैर कानूनी आदि गूगल हटा सकता है. इस बारे में और विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो यहां पढ़ सकते हैं.
