मनकेश्वर कुमार@मधेपुरा , बिहार
उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के जोतैली पंचायत में गत महीनें आई आंधी - बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी।मकई की खेती कर रहें किसानों को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।फसल इस तरह बर्बाद हो चुके हैं कि लागत मूल्य तक नसीब नहीं हो पा रहा।किसान फसल क्षति पूर्ति के लिए परेशान हैं।सरकार के द्वारा फसल क्षति पूर्ति के लिए आवेदन देने के लिए सात मई से कार्य प्रारंभ किया गया था।जिसके बाद किसान ऑनलाइन शुल्क चुका निरंतर आवेदन कर रहे हैं ताकि कुछ आर्थिक सहयोग मिल पाए और परिवार का जीविकोपार्जन हो सकें।
किसानों के अनुसार मकई के वर्तमान भाव से लागत मूल्य भी ऊपर होने के आसार नहीं है ।वही जोतैली पंचायत के तीनों गाँवों में मकई की खेती बड़े पैमाने पर होती है ।तीनों गाँवों में लगभग साठ फीसदी किसानों की फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है।
★किसानों के लिए राहत भरी बात यह है कि जोतैली पंचायत के किसान सलाहकार संदीप कुमार जी प्रतिदिन किसानों की क्षति फसल का जायजा लें सत्यापन कार्य कर रहें हैं जिससे किसानों को आर्थिक सहयोग मिलने की आस दिखने लगी है।बता दें कि संदीप जी कृषि विभाग में सलाहकार के पद पर हैं जो अपने घर उदाकिशुनगंज से प्रतिदिन पंद्रह किमी तय कर जोतैली पंचायत आ कृषकों के फसल का सत्यापन करते हैं।
कुमार संदीप जी ने बताया कि वे अब तक लगभग सात दहाई किसानों की रिपोर्ट अनुदान राशि भेजने के लिए विभाग को भेज दिए हैं।ततपुरान्त विभाग कुछ सप्ताहों में सीधे रूप से किसानों के खाते में प्रति हेक्टेयर तेरह हजार पांच सौ रूपये भेजेंगे।
