खगड़िया. बीती 11 अप्रैल 2020 को मध्य विद्यालय कोकराह के निकट माकपा नेता जगदीश चन्द्र बसु (Jagdish Chandra Basu) की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद से मुख्य आरोपी शमसेर मुखिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह जगह दबिश दे रही थी. देर रात सदर डीएसपी आलोक रंजन (Alok Ranjan, DSP) के नेतृत्व में जिला एसटीएफ की टीम और अलौली पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 25 हजार के इनामी अपराधी शमशेर मुखिया (Shamsher Mukhiya) को गंगौर थाना के कोनिया गांव से एक देशी पिस्टल और पांच जिंदा गोली के साथ गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी एक चुनौती बन गई थी.
शमसेर मुखिया पर 20 से अधिक मामले दर्ज
अलौली के थाना प्रभारी राघवेन्द्र सिंह की मानें तो शमशेर मुख्यिा पर समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा में कई थानों में पहले से हत्या, लूट, छीनाझपटी की घटनाओं के मामले में एफआईआर दर्ज हैं.
शमसेर मुखिया पर 20 से अधिक मामले दर्ज
अलौली के थाना प्रभारी राघवेन्द्र सिंह की मानें तो शमशेर मुख्यिा पर समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा में कई थानों में पहले से हत्या, लूट, छीनाझपटी की घटनाओं के मामले में एफआईआर दर्ज हैं.
कुख्यात अपराधी शमसेर मुखिया पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया था. शमशेर अभी भी 15 केस में वांटेड था.
बाप बेटा मिलकर लेते हैं हत्या की सुपारीबताया जा रहा है कि अपराधी शमशेर मुखिया के पिता सूरज साहनी भी कुख्यात अपराधी हैं और इन दोनों ने मिलकर एक गिरोह बना लिया है. इसी गिरोह के द्वारा मुन्ना मुखिया,जगदीश चन्द्र बसु सहित कई लोगों की हत्या की सुपारी लेकर घटना को अंजाम देता था. पुलिस सूरज सहनी की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापे मार रही है.
दियरा इलाके में अपराधियों का है वर्चस्व
अलौली थाना के दियरा में समस्तीपुर और सहरसा की सीमा में पड़ने के कारण इस इलाके में अपराधियों का दबदबा है. पूर्व में भी शर्मा और यादव के बीच आपसी मुठभेड़ होती रही है. हालांक एक महीना पूर्व कुख्यात अपराधी रामानंद यादव की हत्या के बाद से यह इलाका शांत है.
बाप बेटा मिलकर लेते हैं हत्या की सुपारीबताया जा रहा है कि अपराधी शमशेर मुखिया के पिता सूरज साहनी भी कुख्यात अपराधी हैं और इन दोनों ने मिलकर एक गिरोह बना लिया है. इसी गिरोह के द्वारा मुन्ना मुखिया,जगदीश चन्द्र बसु सहित कई लोगों की हत्या की सुपारी लेकर घटना को अंजाम देता था. पुलिस सूरज सहनी की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापे मार रही है.
दियरा इलाके में अपराधियों का है वर्चस्व
अलौली थाना के दियरा में समस्तीपुर और सहरसा की सीमा में पड़ने के कारण इस इलाके में अपराधियों का दबदबा है. पूर्व में भी शर्मा और यादव के बीच आपसी मुठभेड़ होती रही है. हालांक एक महीना पूर्व कुख्यात अपराधी रामानंद यादव की हत्या के बाद से यह इलाका शांत है.
