सहरसा। 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार की रात नौ बजे लोगों ने दीया जलाकर कोरोना वायरस को खत्म करने का संकल्प लिया।
वैश्विक महामारी के रूप में फैले कोरोना वायरस को दूर भगाने के लिए लोग दीया जलाकर ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही लॉकडाउन पालन करने का संकल्प दुहराया।
पीएम के आह्वान पर शहरवासियों ने पहले से ही अपने-अपने घर के आगे, छत एवं बालकोनी पर परिवार के पूरे सदस्यों ने एक साथ मिलकर दीये जलाए और कोरोना वायरस के प्रसार को आगे नहीं बढ़ने देने की प्रार्थना ईश्वर से की।
इस मौके पर अपने घर की लाइट बुझा दी गई जिससे घर में अंधेरा था। मगर दीप जलते ही चारों ओर दीवाली जैसी जगमग शहर करने लगा। लोगों ने बडे ही उत्साह के साथ अंधेरे से प्रकाश की ओर का नारा देते हुए दीप व मोमबत्ती जलाने का सिलसिला चलता रहा। कइयों ने तो टॉर्च और मोबाइल का फ्लैश जलाकर अभियान का समर्थन किया। बच्चों व महिलाओं में ज्यादा ही उत्साह दिखा। हर कोई इस क्षण का गवाह बनना चाहता था। बच्चे हो या बूढे़ या जवान हर कोई दीप जलाने की होड़ में शामिल रहा। रात में शहर पूरी तरह दीवाली जैसा जगमग करता रहा। कहीं- कहीं तो लोग दीप जलाकर भगवान की स्तुति करते दिखे। सबों में इस बात का आत्मविश्वास था कि कैंडिल जलते ही कोरोना का प्रसार रूकता जाएगा। शहर के सूबेदारी,वार्ड नं:39 में विकाश कुमार ने अपने परिवार के साथ लालटेन और मोमबत्ती जला कर कोरोना को हराने के लिए संकल्प लिया।वही दूसरी और शहर के डी बी रोड, गंगजला चौक, गांधी पथ, नया बाजार, धर्मशाला रोड, बनगांव रोड, स्टेशन रोड, हटियागाछी, पंचवटी, गौतमनगर, शिवपुरी, बटराहा मुहल्ला में रात नौ बजते ही जलते दीपों से नहा उठा। घर में अंधकार और चारों ओर टिमटिमाते जलते दीप शहर की सुंदरता को चार चांद लगा रही थी। कई जगहों पर लोगों ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट बड़े-बडे अक्षरों में लिखे हुए थे। दीप जलाने वालों के बीच उत्साह रहा।