पटना। कोरोनावायरस महामारी का सक्रमण तेजी से फ़ैल रहा है। शहर के गली मोहल्लों तक संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में समुदाय में फैली भ्रांतियां स्थिति को और विकट बना रही हैं. समुदाय में यह भ्रान्ति व्याप्त है कि ए.टी.एम के प्रयोग से किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा नहीं है. यह सोच समुदाय को कोरोना के सामुदायिक संक्रमण की और मोड़ सकता है।
ए.टी.एम का इस्तेमाल करते समय रखें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान:
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एन.डी.एम.ए) द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार ए.टी.एम का प्रयोग करते समय सावधानी रखना जरुरी है। ए.टी.एम का इस्तेमाल कई लोग करते हैं और यह कोई नहीं जानता कि कौन व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है।
जागरूक बनें और खुद को संक्रमण से सुरक्षित रखें:
सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी बताते हैं जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से बैंक परिसर के साथ साथ ए.टी.एम बूथों को भी सैनीटाईज किया जा रहा है. ए.टी.एम मशीन एवं बूथ को कई लोग इस्तेमाल के दौरान स्पर्श करते हैं और यह भांपना कठिन है कि कौन व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है. कोरोनावायरस के विषाणु विभिन्न प्रकार के सतहों पर अलग अलग समय के लिए सक्रीय रहते हैं इसलिए ऐसी सतहों को छूने के बाद हाथों की अच्छी तरह से सफाई जरुरी है। इसके लिए साबुन अथवा अल्कोहल युक्त सैनीटाईजर का प्रयोग किया जा सकता है. छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर और भीड़ वाली जगहों से खुद को दूर रखकर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।
समुदाय का व्यवहार परिवर्तन करना जरुरी:
समाजसेवी अरुण कुमार बताते हैं कोरोनावायरस के चेन को तोड़ने के लिए लोगों का व्यवहार परिवर्तन करना जरुरी है। यह लोगों को समझने की जरुरत है कि कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा सर्वव्यापी है और घरों में रहकर तथा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर ही कोरोना के संक्रमण के चेन को तोड़ा जा सकता है। सामुदायिक स्थल पर मौजूद किसी भी चीज का अगर इस्तेमाल करना पड़े तो अपने हाथों की सफाई साबुन से अच्छे से करें।