कोसी क्षेत्र को मिथिलांचल से जोड़ने के लिए सहरसा-निर्मली महत्वपूर्ण रेलखंड पर कोरोना लॉकडाउन 2 के बीच आसनपुर कुपहा से निर्मली तक पांच किलोमीटर की दूरी में रेललाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। सेंटर लाइन सर्वे कार्य का डिप्टी चीफ इंजीनियर डी. एस. श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया।
मशीन से सर्वे कार्यपालक अभियंता निर्माण विनोद कुमार और अभिराम सिंह की देखरेख में किया जा रहा है। सहरसा-निर्मली महत्वपूर्ण रेलखंड पर आमान परिवर्तन कार्य पूरा होते लाइन चालू हो जाने के बाद कम समय में रेलमार्ग से लोग मिथिलांचल पहुंच जाएंगे।
लॉक डाउन वन के दौरान बंद आमान परिवर्तन कार्य एक माह के बाद फिर से शुरू हो गया है। लॉक डाउन टू के दौरान कार्य करने के लिए रेलवे ने जिला प्रशासन की अनुमति ली है।
सहरसा-आसनपुर कुपहा रेलखंड में कोसी पुल पर ट्रैक (पटरी) के एलायमेंट का काम शुरू किया गया है। एलायमेंट के बाद पटरी को एकसमान करने के लिए मशीन चलाने का काम किया जाएगा। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी उत्तर निर्माण ब्रजेश कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद कई जगहों पर आमान परिवर्तन कार्य शुरू किया गया है। आमान परिवर्तन कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कोसी पुल से आसनपुर कुपहा तक ट्रैक एलायमेंट का काम होना है। बुधवार को डिप्टी चीफ इंजीनियर निर्माण डी. एस. श्रीवास्तव ने चल रहे एलायमेंट कार्य का निरीक्षण करते आवश्यक कई निर्देश दिए।
बनमनखी में आरपीएफ बैरक का शुरू होगा निर्माण कार्य
सहरसा-पूर्णिया रेलखंड के बनमनखी में आरपीएफ बैरक का निर्माण कार्य एक सप्ताह के अंदर शुरू करने की योजना है। निर्माण शुरू करने की अनुमति लेने के लिए एसडीओ को सहायक मंडल अभियंता रेल सहरसा मनोज कुमार ने पत्र लिखा है। वहीं समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीईएन थ्री मयंक अग्रवाल और एडीईएन मनोज कुमार की मॉनिटरिंग में सरसी में रैक प्वाइंट के लिए प्लेटफार्म का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। प्लेटफार्म बनने के बाद मक्का सहित सामग्री लोड कर आने वाले वाहन कीचड़ में नहीं फंसेंगे। सुलभ आवाजाही होगी। बुधवार को मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म एक और दो का ऊँचीकरण कार्य के तहत मिट्टी भराई का काम सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रभात कुमार की देखरेख में चल रहा था।
गिट्टी, बालू सहित अन्य जरूरी सामग्रियों की कमी बनी परेशानी
निर्माण कार्य में गिट्टी, बालू सहित अन्य जरूरी सामग्रियों की कमी परेशानी की वजह बन रही है। झारखंड से स्टोन चिप्स(गिट्टी) और बालू की आपूर्ति होने के बाद ही कार्य रफ्तार पकड़ पाएगी। वहीं मजदूरों की कमी भी आ रही है। रेल अधिकारियों की माने तो सिविल वर्क में सामग्रियों की कमी से परेशानी आ रही है। हालांकि रेलवे बरसात से पहले मिट्टी वर्क पूरा करने पर अधिक फोकस कर रही है।
कहते हैं अधिकारी
कई जगहों पर आमान परिवर्तन कार्य शुरू किए गए हैं। प्रशासन से अनुमति और मजदूर व सामग्री की उपलब्धता को देखते हुए कार्य आरंभ किया जा रहा है। - ब्रजेश कुमार, सीएओ निर्माण
बरसात का मौसम आने वाला है। उसे देखते पहले मिट्टी वर्क करने पर अधिक फोकस किया जा रहा है। - सरस्वती चन्द्र, सीनियर डीसीएम सह पीआरओ