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नई दिल्ली: निर्भया के चारों दोषियों पवन, अक्षय, मुकेश और विनय को फांसी पर लटकाया गया. फिर फांसी के वक्त मौजूद डॉक्टर ने चारों को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट बनाकर वहीं, जेल सुप्रीटेंडेंट ब्लैक वारंट पर साइन करेंगे कि चारों को फांसी दे दी गई. मेडिकल रिपोर्ट यानी डेथ सर्टिफिकेट अटैच कर ब्लैक वारंट वापस कोर्ट जाएगा और यह सूचित किया जाएगा कि आदेश का पालन हुआ.
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तिहाड़ जेल में दोषियों को दी गई फांसी
दिल्ली की तिहाड़ जेल में निर्भया के दोषियों को फांसी दे दी गई. निर्भया को पूरे 7 साल बाद इंसाफ मिला.
दोषियों के मुंह पर काला कपड़ा डाला गया
हर आरोपी के साथ 12 सुरक्षाकर्मियों का घेरा. कुल 48 सुरक्षाकर्मी दोषियों को फांसी कोठी लेकर पहुंचे हैं. दोषियों के मुंह पर काला कपड़ा डाल दिया गया है.
चारों दोषियों के हाथ-पैर बांधे गए
निर्भया केस के चारों दोषियों के हाथ-पैर बांध दिए गए हैं. कुछ ही देर में उन्हें फांसी दी जाएगी.
चारों दोषियों का मेडिकल हुआ, पाए गए फिट
निर्भया के चारों दोषियों को 10 मिनट दिए गए. जिससे वो जिस भगवान को मानते हैं उनको याद कर लें. चारों दोषियों का मेडिकल हुआ है. चारों फिट हैं. सूत्रों के मुताबिक फांसी होते हुए केवल 5 लोग ही देख पाएंगे. जिनमें जेल सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, मेडिकल ऑफिसर, RMO और इलाके के मजिस्ट्रेट व एक अन्य स्टाफ शामिल होगा. इसके अलावा फांसी की सजा पाने वाला दोषी चाहे तो उसके धर्म का कोई भी नुमाइंदा जैसे पंडित या मौलवी भी मौजूद रह सकता है, पर ऐसा दोषियों ने कोई डिमांड नहीं की है.
निर्भया के चारों दोषियों को 10 मिनट दिए गए. जिससे वो जिस भगवान को मानते हैं उनको याद कर लें. चारों दोषियों का मेडिकल हुआ है. चारों फिट हैं. सूत्रों के मुताबिक फांसी होते हुए केवल 5 लोग ही देख पाएंगे. जिनमें जेल सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, मेडिकल ऑफिसर, RMO और इलाके के मजिस्ट्रेट व एक अन्य स्टाफ शामिल होगा. इसके अलावा फांसी की सजा पाने वाला दोषी चाहे तो उसके धर्म का कोई भी नुमाइंदा जैसे पंडित या मौलवी भी मौजूद रह सकता है, पर ऐसा दोषियों ने कोई डिमांड नहीं की है.
दोषियों ने नहाने से मना किया
फांसी घर में फांसी से पहली की तैयारियां शुरू. फांसी घर की सीढ़ियों को साफ किया जा रहा है. जब तक तिहाड़ में फांसी की प्रक्रिया होगी तब तक जेल में सब कुछ रुका रहेगा. किसी भी कैदी को बाहर नहीं निकाला जाएगा. चारों दोषियों को चाय ऑफर की गई है. बाकियों को नियमों के अनुसार 8 बजे के बाद दी जाएगी. दोषियों ने नहाने से मना किया. उनके कपड़े नहीं बदले जा रहे हैं. उन्होंने कपड़े बदलने से इनकार कर दिया है. जेल अधिकारियों ने फांसी कोठी का मुआयना किया है. फांसी के लिए 10 फीट का तख्त लगा हुआ है. जिसके ऊपर की रॉड पर 4 फंदे लटकाए जाएंगे. जब सभी कैदी फांसी घर मे प्रवेश करेंगे तो कोई भी बोलेगा नहीं. केवल इशारों से बात की जाएगी. तिहाड़ के इतिहास में पहली बार बताकर चार दोषियों को फांसी हो रही है.
दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियां जारी
दिल्ली की तिहाड़ जेल में दोषियों को फांसी की तैयारियां जारी हैं. पूरी तिहाड़ जेल को लॉक डॉउन किया गया. तिहाड़ जेल प्रशासन के साथ जल्लाद की बैठक चल रही है. वेस्ट दिल्ली के डीएम तिहाड़ जेल पहुंचे. डीएम, निर्भया के दोषियों से उनकी वसीयत के बारे में पूछेंगें. इसके अलावा तिहाड़ जेल की सुरक्षा बढ़ाई गई है. डीजी तिहाड़ संदीप गोयल तिहाड़ पहुंचे हैं.
निर्भया की मां ने कहा- आज का सूरज देश की बच्चियों के नाम
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा, 'निर्भया को देर से ही सही लेकिन इंसाफ मिला. चारों दोषियों को फांसी होने के बाद ही इंसाफ पूरा होगा. मैं पूरे देश को धन्यवाद देना चाहती हूं. आज का सूरज देश की बच्चियों के नाम.'
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषियों की याचिका, फांसी तय
सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की याचिका खारिज कर दी है. इससे दोषियों की फांसी का रास्ता साफ हो गया है. अब दोषियों को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद हमारे पास राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा का दायरा बेहद सीमित है. सुप्रीम कोर्ट ने पवन की नाबालिग होने की दलील भी ठुकराई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषी की जेल में पिटाई की दलील राष्ट्रपति की दया याचिका खारिज करने के फैसले की समीक्षा का आधार नहीं हो सकता.'
सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील ने कहा- पिटीशन का निपटारा होने तक फांसी को टाला जाए
वकील एपी सिंह ने कहा कि दोषी की 432/433 सीआरपीसी के तहत उपराज्यपाल और सीएम के यहां लंबित है, आग्रह है कि इन पिटीशन का निपटारा होने तक फांसी को टाला जाए. वकील एपी सिंह ने ये भी कहा कि पवन पर जेल में हमला हुआ था. 14 टांके लगे, फांसी से पहले पवन पर हुए हमले की जांच पूरी करवाई जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर आप क्या कानूनी तर्क देना चाहते हैं? आपने अक्षय मामले की सुनवाई में भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में रखी थी कि पूरा सिस्टम, पूरी मशीनरी दोषियों के खिलाफ दबाव में काम कर रही है.
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सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा- घटना के समय दोषी पवन नाबालिग था
एपी सिंह ने पहले दोषी पवन के लिए दलील रखनी शुरू की. उन्होंने दोषी की उम्र का मुद्दा फिर उठाया और कहा कि वारदात के समय वह नाबालिग था. वकील ने दोषी के दाखिले संबंधी प्रमाणपत्र का जिक्र किया. वकील ने जो क्यूरेटिव पिटिशन में दलील रखी थी, उसी दलील को दोहराया. वहीं कोर्ट ने आपत्ति जताई और कहा कि आप बार-बार वही दलील दे रहे हैं जो हर स्टेज पर, हर कोर्ट में खारिज हो चुकी हैं और राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी खारिज हो चुकी है. कोर्ट ने कहा कि मुद्दा सिर्फ राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने का है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी वकील की इन दलीलों को इस स्टेज पर उठाने पर आपत्ति जताई.
सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई
दोषियों की फांसी रोकने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच में सुनवाई हो रही है. दोषियों के वकील ए पी सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट रूम में पहुंचे चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जज
निर्भया मामले में सुनवाई के लिए जज सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं. कुछ देर में सुनवाई शुरू होगी.
रात 2.30 बजे हो सकती है SC में सुनवाई
निर्भया केस में दोषियों के वकील ने SC के रजिस्ट्रार को याचिका दी. अब सुप्रीम कोर्ट में रात 2.30 बजे हो सकती है सुनवाई. सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 5 में सुनवाई होगी. कोर्ट में निर्भया के मां-बाप मौजूद हैं.
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के घर पहुंचे दोषियों के वकील
दोषियों के वकील एपी सिंह सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के घर देर रात एक बजकर 25 मिनट पर पहुंचे. वह SC में याचिका दायर करने की तैयारी में हैं. दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, 'हम फौरन सुनवाई और डेथ वारंट पर स्टे लगाने की मांग कर रहे हैं. हम सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं. कोर्ट खुला हुआ है और काम कर रहा है.'
निर्भया की मां ने कहा- नए वकील ने हाई कोर्ट में वक्त बर्बाद किया
निर्भया की मां ने कहा कि नए वकील ने हाई कोर्ट में वक्त बर्बाद किया. आज फांसी है लेकिन मैं HC और SC में चक्कर लगा रही हूं. ये सिस्टम की नाकामी है, सिस्टम को बदलना होगा.
निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट में 3 बजे हो सकती है सुनवाई
दोषियों की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में खारिज हो गई है. अब दोषी देर रात सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि होई कोर्ट से फैसले की कॉपी मिलने के बाद SC जाऊंगा. वहीं निर्भया की मां ने कहा है कि दोषियों की याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी खारिज होगी और दोषियों को फांसी जरूर होगी. सुप्रीम कोर्ट में 3 बजे इस मामले में सुनवाई हो सकती है.
चारों दोषी गरीब और वंचित हैं इसलिए इंसाफ नहीं- दोषियों के वकील
निर्भया केस में दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि पूरा सिस्टम और सरकार हमारे खिलाफ है. सिस्टम ने केस को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है. चारों दोषी गरीब और वंचित हैं इसलिए इंसाफ नहीं मिल रहा.
नहीं रुकेगी निर्भया के दोषियों की फांसी, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों की फांसी रोकने के लिए दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट ने उन दलीलों को ठुकरा दिया जिसमें कहा गया था कि कई कोर्ट में इस मामले में याचिकाएं दायर हैं. हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई आधार नहीं दिया गया. यह बिना किसी इंडेक्स, तारीखों की लिस्ट, पार्टी के मेमो और हलफनामे के दायर की गई.
दोषियों के एक और वकील शम्स ख्वाजा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
दोषियों के एक और वकील शम्स ख्वाजा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. वकील ने कहा कि राष्ट्रपति ने दया याचिका पर सही से विचार नहीं किया. राष्ट्रपति ने यौन उत्पीड़न मामलों में अपनी भावनाएं सार्वजनिक की थीं. उन्होंने कहा था कि अपराधी रहम के लायक नहीं हैं. वे पहले से पक्षपाती थे. उनसे सही निर्णय की उम्मीद कैसे की जा सकती है. इस पर जज ने कहा कि आप ये दलीलें अब क्यों दे रहे हैं. 6 घंटे बाद फांसी होने वाली है.
इस पर वकील ने कहा कि ये तथ्य पहले रखे ही नहीं गए थे. जज ने कहा कि अगर आप अपनी पिछली जेब मे कुछ रखेंगे तो यह आपकी गलती है. आपको पहले ही इसे कोर्ट के सामने रखना चाहिए था. अगर आप दलीलें जारी रखना चाहते हैं तो हम इसे सुबह साढ़े पांच बजे तक सुनते हैं.
वहीं इस पर सरकारी वकील राहुल मेहरा ने कहा कि इस याचिका का कोई आधार नहीं है. इसे खारिज किया जाना चाहिए.
दूसरे वकील की याचिका पर भी कोर्ट की फटकार
वकील शम्स ख्वाजा ने कहा, 'एक कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति ने अपनी भावनाओं को सार्वजनिक किया कि यौन उत्पीड़न के मामलों में मौत की पुष्टि के लिए दया नहीं है. पहली दया याचिका से पहले ही वह हमारे खिलाफ पक्षपात कर रहा था. यह समय केस के मेरिट पर बहस का नहीं है, यह केस का ट्रायल स्टेज नहीं है. इस पर वकील ने कहा यह मुद्दे नहीं उठाए गए हैं. इस पर कोर्ट ने वकील से कहा,'ये आप अपने आप से पूछिए, आपने यह प्वाइंट क्यों नहीं उठाए, आपने इन्हें अपनी पिछली जेब में क्यों छिपा रखा था.'
वकील शम्स ख्वाजा ने कहा, 'एक कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति ने अपनी भावनाओं को सार्वजनिक किया कि यौन उत्पीड़न के मामलों में मौत की पुष्टि के लिए दया नहीं है. पहली दया याचिका से पहले ही वह हमारे खिलाफ पक्षपात कर रहा था. यह समय केस के मेरिट पर बहस का नहीं है, यह केस का ट्रायल स्टेज नहीं है. इस पर वकील ने कहा यह मुद्दे नहीं उठाए गए हैं. इस पर कोर्ट ने वकील से कहा,'ये आप अपने आप से पूछिए, आपने यह प्वाइंट क्यों नहीं उठाए, आपने इन्हें अपनी पिछली जेब में क्यों छिपा रखा था.'
दोषियों के वकील ने कोरोना का बहाना बना मांगी मोहलत
सरकारी वकील राहुल मेहरा ने कहा, 'इन्होंने एक आधार कोरोना वायरस को अपनी याचिका में बनाया है.' जज ने कहा, 'आपको कोर्ट के प्रति निष्पक्ष होने की जरूरत है. आपको अपने मुवक्किल के प्रति फेयर होना चाहिए. महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ आए. 11 बजने को हैं. यह आपके मुवक्किल के पक्ष में नहीं जाने वाला. अपने मुवक्किल के साथ कुछ न्याय करें. कोई प्वाइंट रखें.' एपी सिंह ने कहा, 'मैं कोरोना वायरस की वजह से होपलेस हूं. मुझे कोई सुविधा नहीं मिल रही. मुझे 1-2 दिन ओर दें.' जज ने कहा, 'आपको सिस्टम से खेलने की अनुमति नहीं दे सकते.'
सरकारी वकील राहुल मेहरा ने कहा, 'इन्होंने एक आधार कोरोना वायरस को अपनी याचिका में बनाया है.' जज ने कहा, 'आपको कोर्ट के प्रति निष्पक्ष होने की जरूरत है. आपको अपने मुवक्किल के प्रति फेयर होना चाहिए. महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ आए. 11 बजने को हैं. यह आपके मुवक्किल के पक्ष में नहीं जाने वाला. अपने मुवक्किल के साथ कुछ न्याय करें. कोई प्वाइंट रखें.' एपी सिंह ने कहा, 'मैं कोरोना वायरस की वजह से होपलेस हूं. मुझे कोई सुविधा नहीं मिल रही. मुझे 1-2 दिन ओर दें.' जज ने कहा, 'आपको सिस्टम से खेलने की अनुमति नहीं दे सकते.'
आईसीजे में मामला लंबित
एपी सिंह ने कहा, 'अक्षय की पत्नी की याचिका ICJ में लंबित है.' जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'उसका कोई मतलब नहीं है.'
एपी सिंह ने कहा, 'अक्षय की पत्नी की याचिका ICJ में लंबित है.' जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'उसका कोई मतलब नहीं है.'
जेल में हुआ था हमला
एपी सिंह ने कहा, 'पवन गुप्ता ने कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल में पुलिसकर्मियों की पिटाई को लेकर याचिका दायर की है. कोर्ट ने उस पर ATR मांगी है. उसके शरीर पर 14 टांके आए है. ठीक है, वो फांसी की सज़ा पाया शख्स है, पर इस मामले में वो पीड़ित है . ये नाइंसाफी होगी, अगर इस मामले में बिना इंसाफ किए फांसी पर लटका दिया जाए.उसे आरोपी पुलिस कर्मियों की शिनाख्त करने दें.'
एपी सिंह ने कहा, 'पवन गुप्ता ने कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल में पुलिसकर्मियों की पिटाई को लेकर याचिका दायर की है. कोर्ट ने उस पर ATR मांगी है. उसके शरीर पर 14 टांके आए है. ठीक है, वो फांसी की सज़ा पाया शख्स है, पर इस मामले में वो पीड़ित है . ये नाइंसाफी होगी, अगर इस मामले में बिना इंसाफ किए फांसी पर लटका दिया जाए.उसे आरोपी पुलिस कर्मियों की शिनाख्त करने दें.'
किताब का दिया हवाला
एपी सिंह ने तिहाड़ जेल के अधिकारी सुनील गुप्ता की किताब ब्लैक वारंट का हवाला दिया. इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'समझने की कोशिश करें. तुम्हारे मुवक्किल का भगवान के पास जाने का समय नजदीक है. हमारा समय बर्बाद न करो. आप यहां किताब का हवाला नहीं दे सकते.'
एपी सिंह ने तिहाड़ जेल के अधिकारी सुनील गुप्ता की किताब ब्लैक वारंट का हवाला दिया. इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'समझने की कोशिश करें. तुम्हारे मुवक्किल का भगवान के पास जाने का समय नजदीक है. हमारा समय बर्बाद न करो. आप यहां किताब का हवाला नहीं दे सकते.'
कोरोना के चलते फोटोकॉपी मशीन की दुकान बंद थी
एपी सिंह ने कहा, 'याचिका के साथ संबंधित दस्तावेज इसलिए नहीं लगा पाया क्योंकि कोरोना वायरस की दहशत के कारण कोर्ट में फोटोकॉपी मशीन की दुकान बंद थी.' इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'इस तरह की बेतुकी दलीलें न दें. आप अपनी कमी की जो दलीलें दे रहे हैं वो स्वीकार्य नहीं हैं. आज आप 3 कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं. हम 10 बजे आपको सुन रहे हैं.'
एपी सिंह ने कहा, 'याचिका के साथ संबंधित दस्तावेज इसलिए नहीं लगा पाया क्योंकि कोरोना वायरस की दहशत के कारण कोर्ट में फोटोकॉपी मशीन की दुकान बंद थी.' इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'इस तरह की बेतुकी दलीलें न दें. आप अपनी कमी की जो दलीलें दे रहे हैं वो स्वीकार्य नहीं हैं. आज आप 3 कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं. हम 10 बजे आपको सुन रहे हैं.'
एनचआरसी में लंबित है केस
एपी सिंह ने कहा, 'मीडिया ट्रायल और उनके दबाव में दोषियों को बचाव का उचित मौका नहीं मिला. एक याचिका NHRC में लंबित है, एक राष्ट्रपति के पास, बिहार में एक तलाक याचिका लंबित है. एक याचिका हाई कोर्ट में लंबित है. एक याचिका चुनाव आयोग में लंबित है. ऐसे में फांसी कैसे हो सकती है?' इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'हमने अपने पूर्व के आदेश में साफ तौर पर कहा था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को लेकर अगर कोई दुविधा है तो आप सीधे हाई कोर्ट जा सकते हैं.'
एपी सिंह ने कहा, 'मीडिया ट्रायल और उनके दबाव में दोषियों को बचाव का उचित मौका नहीं मिला. एक याचिका NHRC में लंबित है, एक राष्ट्रपति के पास, बिहार में एक तलाक याचिका लंबित है. एक याचिका हाई कोर्ट में लंबित है. एक याचिका चुनाव आयोग में लंबित है. ऐसे में फांसी कैसे हो सकती है?' इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा, 'हमने अपने पूर्व के आदेश में साफ तौर पर कहा था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश को लेकर अगर कोई दुविधा है तो आप सीधे हाई कोर्ट जा सकते हैं.'
सरकारी वकील राहुल मेहरा ने कहा, 'निर्भया केस में दोषियों पर वारदात से पहले लूटपाट का केस भी दर्ज किया था. ये घटना उसी बस में हुई थी.'
सरकारी वकील ने कहा ये कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं
एपी सिंह ने कहा, 'हम पटियाला हाउस कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत मेरे मुवक्किल पवन, विनय ओर अक्षय की फांसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया.' सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा, 'यहां कोई मेमो ऑफ पार्टी नहीं है. यह केवल पवन के बारे में बात कर रहे हैं. हम नहीं जानते कि अन्य याचिकाकर्ता को हैं? इन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने चाहिए था. ये यहां क्यों आए? इन्होंने ढाई साल तक कोई लीगल रेमेडी नहीं ली और अब रात में हाई कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं. यह याचिका अधूरी है. इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए.'
एपी सिंह ने कहा, 'हम पटियाला हाउस कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत मेरे मुवक्किल पवन, विनय ओर अक्षय की फांसी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया.' सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा, 'यहां कोई मेमो ऑफ पार्टी नहीं है. यह केवल पवन के बारे में बात कर रहे हैं. हम नहीं जानते कि अन्य याचिकाकर्ता को हैं? इन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने चाहिए था. ये यहां क्यों आए? इन्होंने ढाई साल तक कोई लीगल रेमेडी नहीं ली और अब रात में हाई कोर्ट का समय बर्बाद कर रहे हैं. यह याचिका अधूरी है. इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए.'
जज ने एपी सिंह से पूछा, 'क्या आपने यह याचिका दायर करने की अनुमति ली है? यह किस तरह की याचिका है? न तो लिस्ट ऑफ अपडेट है और न ही कोई मेमो, न संलग्न दस्तावेजों का ब्योरा. क्या आपके पास यह याचिका दायर करने की अनुमति ली है? '
इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने निर्भया मामले के दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका खारिज की. पवन ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और क्यूरेटिव पेटिशन दायर की थी जिसमें कहा गया था कि वारदात के समय वह नाबालिग था इसलिए उसकी फांसी की सजा खारिज की जाए.
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पवन ने यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज होने के फैसले के खिलाफ दायर की थी. यह क्यूरेटिव याचिका खारिज होना तय था, क्योंकि पवन की नाबालिग होने की दलील को सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है. यह याचिका जजों ने अपने चेंबर में सुनी थी जिसमें किसी तरफ का वकील जिरह के लिए मौजूद नहीं होता है. जज अपने पुराने फैसले के संदर्भ में यह देखते हैं कि दोषी कोई बहुत अहम कानूनी पहलू तो नहीं ले आया है जो कि कोर्ट में पहले जजों के सामने न रखा गया हो. इस मामले में सभी दोषी अपनी अपनी दलीलों को कई कई बार कोर्ट में रख चुके हैं जिन्हें कोर्ट खारिज कर चुका है.
ट्रायल कोर्ट ने चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे का डेथ वारंट जारी किया हुआ है.
