कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
सहरसा। कोरोना वायरस का सबसे अधिक चिकेन की बिक्री पर असर पड़ा है। पॉल्ट्री फार्म से जहां मुर्गों की बिक्री नहीं हो रही है। वहीं खुदरा विक्रेता तो एक किलो मुर्गा भी नहीं बेच पा रहे हैं। जिसकी वजह से बाजार में थोक भाव में तीस रुपये किलो चिकन मिलने लगा है, जबकि खुदरा भाव 40 से 70 रुपये तक है।
थाना चौक पर मुर्गा दुकान चलाने वाले मो. सरफराज ने मंगलवार को बताया कि वह सुबह से दोपहर तीन बजे तक एक किलो चिकेन भी नहीं बेच पाया है। उसने बताया कि कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर मुर्गे के व्यवसाय पर ही है। वहीं अंडे की बिक्री भी पूरी तरह से प्रभावित हुई है। वैसे, दुकान पर पहुंचते ही उन्होंने पूछा कि आप मुर्गा लीजिएगा चार सौ से छह सौ ग्राम का मुर्गा आपको 70 रुपये में दे देंगे जबकि उससे अधिक वजन का मुर्गा 50 रुपये किलो तक मिल जाएगा। उसने बताया कि उनकी पॉल्ट्री फार्म भी है जहां से तीस रुपये प्रतिकिलो मुर्गा खरीदने वाला कोई नहीं है। चांदनी चौक पर मुर्गा दुकानदार ने बोर्ड भी लगा दिया है कि प्याज के दाम में मुर्गा खरीदें। वहां 50 रुपये प्रतिकिलो तक मुर्गा बिक रहा है।
----
रोज होती थी सौ क्विटल चिकेन की खपत
----
जिले की अगर बात करें तो आम लोगों से लेकर होटल तक में चिकन की डिमांड फरवरी माह तक जोरों पर थी। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन सौ क्विटल चिकन की बिक्री होती थी। कोरोना वायरस का खतरा उत्पन्न होने के बाद यह घटकर पांच क्विटल तक पहुंच गई है। जिले में करीब 47 पाल्ट्री फार्म है जो बड़े कारोबारी हैं लेकिन अब उनपर भी आफत आ गई है। यही हाल अंडे बेचने वालों का है। पॉल्ट्री फार्म संचालक संजय कुमार ने बताया कि चिकेन बिक कहां रहा है। खुदरा विक्रेता भी खरीदने नहीं आते हैं। बाजार में उधार देने पर भी लोग नहीं ले रहे हैं।
-----
क्या कहते हैं चिकित्सक
----
चिकित्सक डॉ. आइडी सिंह कहते हैं कि अबतक चिकेन से कोरोना वायरस फैलने का संकेत नहीं मिला है। भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन विभाग द्वारा यह पत्र भी जारी किया गया है कि चिकेन खाने से वायरस नहीं फैलता है। हालांकि साग, सब्जी उत्तम आहार है। लोग दूषित जानवर के मांस का भोजन नहीं करें। कुछ दिन परहेज से रहें। मौसम बदलते ही इसपर काबू पाया जा सकता है। इस वायरस से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। बस साफ-सफाई का ख्याल रखें। सुरक्षा ही बचाव है।
