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पटना जंक्शन पर पकड़ा गया फर्जी दारोगा, 7 साल तक परिवार और ससुराल को देता रहा सरकारी नौकरी का झांसा
पटना:
पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर रेल पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया, जो पिछले सात वर्षों से खुद को बिहार पुलिस का दारोगा बताकर लोगों को धोखा दे रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जहानाबाद निवासी रंजन कुमार के रूप में हुई है। वह ट्रेनों में पुलिसकर्मी बनकर यात्रियों पर धौंस जमाता और मौका मिलते ही उनका सामान चोरी कर लेता था।
रेल पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में एक फर्जी पुलिसकर्मी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। एक पीड़ित यात्री से मिले हुलिए के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और शनिवार को प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर जाल बिछाया। जैसे ही वंदे भारत एक्सप्रेस से रंजन उतरा, पुलिस ने उसे घेर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान रंजन ने खुद को दारोगा बताते हुए पुलिस पर ही रौब झाड़ने की कोशिश की, लेकिन थाने ले जाकर पूछताछ करने पर उसका झूठ सामने आ गया।
दारोगा परीक्षा में फेल होने के बाद रची साजिश
पूछताछ में रंजन ने बताया कि उसने वर्ष 2019 में दारोगा भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन असफल हो गया। समाज और ससुराल में बदनामी के डर से उसने झूठ बोल दिया कि उसकी सरकारी नौकरी लग गई है। इसके बाद वह सात साल तक खुद को दारोगा बताकर परिवार और ससुराल वालों को गुमराह करता रहा।
आरोपी ने स्वीकार किया कि झूठी शान बनाए रखने और खर्च चलाने के लिए उसने ट्रेनों में चोरी और ठगी शुरू कर दी।
मोबाइल से मिलीं वर्दी वाली तस्वीरें
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की जांच की तो उसमें पुलिस की वर्दी पहने उसकी कई तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा उसके पास से फर्जी पुलिस पहचान पत्र, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और बिहार सैन्य पुलिस (BMP) के एक हवलदार से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
जांच में जुटी रेल पुलिस
रेल पुलिस ने आरोपी के परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बीएमपी हवलदार के दस्तावेज उसके पास कैसे पहुंचे और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों की भी जांच कर रही है।