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मधेपुरा। आलमनगर प्रखंड क्षेत्र के मुरौत गांव कोसी नदी के कटाव से विस्थापित हुए परिवारों को पुनर्वासित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। यहां पर करीब चार सौ परिवारों को बसाने की योजना है। प्रारंभिक तौर पर प्रशासन ने 148 लोगों को जमीन उपलब्ध करा दी है। जमीन लोगों के नाम से निबंधित करा दिया है। साथ ही जमीन के कागजात भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
एसडीएम एसजेड हसन ने बताया कि बचे लोगों को भी जमीन उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया जारी है। जमीन मिलने के बाद लोगों में खुशी है। वजह की दो दशक बाद लोगों को आशियाना मिलेगा। वहीं एक नया मुरौत गांव बनेगा। यहां पर वर्ष 1999 में कोसी के कटाव से धीरे-धीरे करीब छह सौ परिवारों के घर कोसी में समा गए थे। उसके बाद से ही सभी लोग किसी तरह सड़क व नहर किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं।
करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बचा था गांव कटाव से बचाव के लिए जल संसाधन विभाग कोपरिया (सहरसा) द्वारा पांच करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई थी। यहां पर विभाग द्वारा वर्ष 2007 ई. में 33 लाख, वर्ष 2008 ई. में दो करोड़ 87 लाख, वर्ष 2010 ई. में 40 लाख, वर्ष 2011 ई. में दो करोड़ 84 लाख रुपये खर्च किए गए। यद्यपि गांव को बचाया नहीं जा सका था। झुग्गी में बसी है जिदगी आलमनगर की रतवारा पंचायत के मुरौत गांव के लोगों के घर नदी में विलीन होने के बाद प्रभावित परिवार गंगापुर पंचायत के सोनामुखी गांव के पास सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं। पुनर्वासित होने की आस में दशकों लग गए। अब जब प्रशासन जमीन दे रही है तो लोगों की आस जगी है। लोगों को आशियाना मिलने की उम्मीद जगी है। लोगों को अपना जमीन नहीं होने के कारण परेशानी हो रही थी। सरकार ने विस्थापितों को स्थापित किया तो परेशानी दूर होगी। लोगों को अपनी जमीन होने के कारण सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वहीं लोग जमीन पर ऋण आदि योजना का भी लाभ ले सकेंगे।
सरकार ने खरीदी जमीन मुरौत गांव के विस्थापितों को बसाने के लिए सरकार ने प्रारंभिक तौर पर चार एकड़ 42 डिसमिल जमीन खरीद की है। जमीन खरीदने में दो करोड़, 17 लाख 57 हजार छह सौ रुपये लगे। सभी लाभान्वित परिवार के नाम से जमीन का निबंधन किया गया है। जमीन आलमनगर के गंगापुर मौजा में अवस्थित है। शुरुआत में 148 लोगों को लाभ मिला है। बचे लोगों के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया जारी है। एसडीएम ने बताया कि बचे लोगों को भी बसाने की प्रक्रिया चल रही है।
विस्थापितों में है खुशी जमीन मिलने से विस्थापित परिवारों में खुशी देखी जा रही है। लोगों को आशियाना मिलने की आस जगी है। लोगों ने जमीन मिलने पर सरकार का आभार जताया। विस्थापितों में सिकंदर भगत, चंदन शर्मा, कपिलदेव पासवान, कुंदन शर्मा, लारोह देवी, अनीता देवी, प्रतिमा देवी, नक्षत्रर राम, पवन पासवान आदि ने खुशी जाहिर की है। कोट परिवारों को बसाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। अबतक 148 लोगों को जमीन उपलब्ध कराई गई है। बचे लोगों को जमीन देने की प्रक्रिया जारी है। सभी विस्थापितों को जल्द स्थापित किया जाएगा। -एसजेड हसन, एसडीएम,
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)
