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सहरसा। कृषि पर आधारित भारतीय अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कृषि विभाग कई योजना संचालित कर रही है। इसके संचालन का भार प्रखंड स्तर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी की रहती है। बावजूद नवहट्टा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार अधिकांश समय मुख्यालय से बाहर ही रहते हैं। नवहट्टा में पदस्थापित बीएओ को पतरघट और कहरा प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार है। इस कारण ये नवहट्टा में कम ही नजर आते हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बीएओ के आकस्मिक अवकाश का प्रावधान
बिहार सरकार की कृषि विभाग की जारी अधिसूचना के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत को कृषि विभाग से शक्तियों का प्रतिनिधायन किया गया है। अनुसूची एक के क्रम संख्या आठ में आकस्मिक अवकाश और मुख्यालय छोड़ने की अनुमति में शीर्षक में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति और मुख्यालय छोड़ने की अनुमति पंचायत समिति के प्रमुख के अनुमोदन से बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी देंगे। केवल विभागीय बैठक में भाग लेने हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं पड़ेगी लेकिन इसकी भी सूचना देनी होगी
कोट के लिए
बीएओ का आकस्मिक अवकाश या मुख्यालय छोड़ने संबंधी आवेदन आज तक उनके पास अनुमोदन के लिए नहीं आया है ।
शमीम अख्तर पप्पू, प्रखंड प्रमुख, नवहट्टा
कोट के लिए
कृषि विभाग के प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की अवकाश नियमावली की जानकारी नहीं है। बीएओ ने अवकाश लेने में इस तरह की प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
विवेक रंजन, बीडीओ, नवहट्टा
कोट के लिए
यह सब विभागीय कागजी प्रक्रिया है। इसका अनुपालन संभव नहीं है। किसको इतना समय है कि अवकाश के लिए प्रमुख साहब को खोजते रहे।
मनोज कुमार, बीएओ, नवहट्टा
