कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
भागलपुर [रजनीश]। ई-टिकट के अवैध धंधे से आतंकियों को फंडिंग करने और हवाला के जरिए दूसरे देशों में मोटी रकम भेजने का मास्टरमाइंड गुलाम मुस्तफा इस महीने भागलपुर आने वाला था। उसके आने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। यहां आने के उसके दो मकसद थे। उनमें से पहला अपने दोनों गुर्गों जुनैद राज व इमरान को 'एएनएमएसÓ सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना सिखाना था। उसका दूसरा मकसद इस अवैध धंधे में यहां नए लोगों को जोडऩा था। लेकिन, इससे पहले ही उसके और भागलपुर में सक्रिय उसके दोनों सहयोगियों के आरपीएफ की गिरफ्त में आ जाने से उसकी सारी योजनाओं पर पानी फिर गया। भागलपुर से गिरफ्तार मु. जुनैद राज और मु. इमरान ने पुलिस को बताया कि ई-टिकट के लिए उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर उनसे इंस्टॉल नहीं हो रहा था। उसे इंस्टॉल करने और चलाने का तरीका बताने के लिए वह यहां आने वाला था।
दिए थे एक दर्जन फर्जी आईडी बनाकर
जांच के क्रम में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि मुस्तफा ने जुनैद और इमरान को करीब 13 अलग-अलग नामों के फर्जी आइडी बनाकर दिए थे। उन्हीं आइडी से वे ई-टिकट काटकर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। अभी तक उन्होंने फर्जी आइडी से करीब तीन लाख मूल्य के सैकड़ों टिकट काटे थे। इससे आए पैसे को वे उसके एकाउंट में भेजते थे। आरपीएफ इस समय जेल में बंद जुनैद और इमरान को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। आरपीएफ के इंस्पेक्टर एके सिंह इस प्रकरण के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए जांच कर रहे हैं।
तत्काल के समय साइट को हैक करता था एएनएमएस सॉफ्टवेयर
जुनैद और इमरान ने आरपीएफ के समक्ष यह बात कबूल की कि एएनएमएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तत्काल टिकट काटने के लिए होता था। उसके जरिए आइआरसीटीसी की साइट को हैक कर इतना स्लो कर दिया जाता था कि दूसरे लोग टिकट नहीं कटा सकते थे। जुनैद ने बताया कि जब वह बेंगलुरु गया था तो इस गिरोह में शामिल माफिया लोगों ने साइट हैक करके उसे दिखाया था। इसके लिए हर दिन वह कोड भी बदल देता था।
मतलूब के भी संलिप्त होने की संभावना, वारंट निर्गत
आरपीएफ ने करीब दो सप्ताह पूर्व अवैध रूप से ई-टिकट काटने के आरोप में भागलपुर के तातारपुर थाना क्षेत्र के रेकाबगंज मोहल्ले के मतलूब आलम के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट निर्गत कराया था। आरपीएफ गुलाम मुस्तफा से उसके संबंध की भी जांच कर रही है। उसके द्वारा पुलिस को जुनैद बीजीपी-4 नामक आईडी से अवैध रूप से ई-टिकट काटने का साक्ष्य मिला है। आइआरसीटीसी के दिल्ली स्थित अधिकारी से प्राप्त इनपुट के आधार पर भागलपुर आरपीएफ की ओर से उसे नोटिस भेजने के बाद उसके विरुद्ध कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट लिया गया है। पुलिस के अनुसार उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। लेकिन वह घर से फरार हो गया है।
