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हेमंत कुमार सहनी की रिपोर्ट।
देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर पीएचसी के प्रांगण में अपने 4 सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर बरसे।
मौके पर आशा कार्यकर्ता संघ के प्रखंड अध्यक्ष पूनम कुमारी, सचिव मुद्रिका देवी, जिला अध्यक्ष सह कोषाध्यक्ष अमेरिका देवी, नूतन कुमारी, शांति देवी, इंदु देवी, पिंकी देवी, किरण देवी समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष पूनम कुमारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय के रूप में करीब 18 हजार रुपया दिया जाए, नहीं तो हम लोग उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि बेलदौर पीएचसी में जो बीएचएम योगदान लिए हैं, आज तक हम आशा कार्यकर्ता उन्हें पहचानते तक नहीं हैं। बिहार सरकार के द्वारा पिछले वर्ष हड़ताल के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया था कि बिहार के जितने भी आशा कार्यकर्ता हैं जो उन्हें बिहार सरकार के द्वारा एक हजार रुपए मानदेय के रूप में दिया जाए, वहीं केंद्र सरकार के द्वारा दो हजार के रूप में मानदेय दिया जाएगा ना ही सरकार के द्वारा मानदेय दिया गया ना ही हम लोगों को पिछले 2018 ईसवी का प्रोत्साहन राशि टीकाकरण की राशि नहीं दी गई है। वही आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा फलेरिया कुष्ठ रोग को लेकर चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा हर गांव में फलेरिया का टेबलेट खिलाया था, उक्त कार्य भी किए लेकिन अभी तक हम लोगों को पैसा नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर आशा कार्यकर्ताओं को दर दर की ठोकर खाना पड़ता है और आशा कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं।
हेमंत कुमार सहनी की रिपोर्ट।
देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर पीएचसी के प्रांगण में अपने 4 सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर बरसे।
मौके पर आशा कार्यकर्ता संघ के प्रखंड अध्यक्ष पूनम कुमारी, सचिव मुद्रिका देवी, जिला अध्यक्ष सह कोषाध्यक्ष अमेरिका देवी, नूतन कुमारी, शांति देवी, इंदु देवी, पिंकी देवी, किरण देवी समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष पूनम कुमारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय के रूप में करीब 18 हजार रुपया दिया जाए, नहीं तो हम लोग उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि बेलदौर पीएचसी में जो बीएचएम योगदान लिए हैं, आज तक हम आशा कार्यकर्ता उन्हें पहचानते तक नहीं हैं। बिहार सरकार के द्वारा पिछले वर्ष हड़ताल के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया था कि बिहार के जितने भी आशा कार्यकर्ता हैं जो उन्हें बिहार सरकार के द्वारा एक हजार रुपए मानदेय के रूप में दिया जाए, वहीं केंद्र सरकार के द्वारा दो हजार के रूप में मानदेय दिया जाएगा ना ही सरकार के द्वारा मानदेय दिया गया ना ही हम लोगों को पिछले 2018 ईसवी का प्रोत्साहन राशि टीकाकरण की राशि नहीं दी गई है। वही आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा फलेरिया कुष्ठ रोग को लेकर चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा हर गांव में फलेरिया का टेबलेट खिलाया था, उक्त कार्य भी किए लेकिन अभी तक हम लोगों को पैसा नहीं मिल पाया है। जिसको लेकर आशा कार्यकर्ताओं को दर दर की ठोकर खाना पड़ता है और आशा कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं।
