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कटिहार। कड़ाके की ठंड के बीच शुक्रवार की सुबह अचानक सुखी-संपन्न परिवार के एक वृद्ध अपने घर के सामने ही पुत्रों के विरुद्ध अनशन पर बैठ गए और इंसाफ दिलाने की गुहार लगाने लगे। यह मामला पूरे बाजार में कौतुहल का विषय बन गया और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। धरना पर बैठे वृद्ध गिरीश गुप्ता ने बताया कि पूरी जिदगी मिहनत कर उन्होंने संपत्ति अर्जित की। तीनों पुत्रों को काबिल बनाया। सभी पुत्र रेडिमेट कपड़े की व्यवसायी कर सुखी संपन्न है, लेकिन वे तीन दिन से दाने-दाने को मोहताज हैं। वे डायबिटीज रोग से ग्रसित हैं और पैर बुरी तरह जख्मी है। उनका आरोप है कि पुत्र धीरज कुमार, नीरज कुमार और विकास गुप्ता खाने के लिए नहीं देते हैं और न ही इलाज कराते हैं। स्थानीय ग्रामीण प्रभुनारायण साह, अशोक चौधरी, साजिद आलम सहित अन्य ने भी इस स्थिति को दुखद बताया। पुत्र के खिलाफ वृद्ध पिता के अनशन की सूचना पर फलका थानाध्यक्ष रूपक रंजन सिंह ने त्वरित करवाई करते हुये वहां पुलिस अधिकारियों को भेजा। एएसआई हरिनंदन साह दल बल के साथ वहां पहुचकर वृद्ध पिता को समझाकर और पुत्र के विरुद्ध कार्रवाई के आश्वासन देकर उनका अनशन समाप्त कराया। वहीं पुत्र धीरज व नीरज ने पिता के आरोप को निराधार बताया है।
कटिहार। कड़ाके की ठंड के बीच शुक्रवार की सुबह अचानक सुखी-संपन्न परिवार के एक वृद्ध अपने घर के सामने ही पुत्रों के विरुद्ध अनशन पर बैठ गए और इंसाफ दिलाने की गुहार लगाने लगे। यह मामला पूरे बाजार में कौतुहल का विषय बन गया और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। धरना पर बैठे वृद्ध गिरीश गुप्ता ने बताया कि पूरी जिदगी मिहनत कर उन्होंने संपत्ति अर्जित की। तीनों पुत्रों को काबिल बनाया। सभी पुत्र रेडिमेट कपड़े की व्यवसायी कर सुखी संपन्न है, लेकिन वे तीन दिन से दाने-दाने को मोहताज हैं। वे डायबिटीज रोग से ग्रसित हैं और पैर बुरी तरह जख्मी है। उनका आरोप है कि पुत्र धीरज कुमार, नीरज कुमार और विकास गुप्ता खाने के लिए नहीं देते हैं और न ही इलाज कराते हैं। स्थानीय ग्रामीण प्रभुनारायण साह, अशोक चौधरी, साजिद आलम सहित अन्य ने भी इस स्थिति को दुखद बताया। पुत्र के खिलाफ वृद्ध पिता के अनशन की सूचना पर फलका थानाध्यक्ष रूपक रंजन सिंह ने त्वरित करवाई करते हुये वहां पुलिस अधिकारियों को भेजा। एएसआई हरिनंदन साह दल बल के साथ वहां पहुचकर वृद्ध पिता को समझाकर और पुत्र के विरुद्ध कार्रवाई के आश्वासन देकर उनका अनशन समाप्त कराया। वहीं पुत्र धीरज व नीरज ने पिता के आरोप को निराधार बताया है।
