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सहरसा/सिमरी बख्तियारपुर में युवा क्रांति ने अटल बिहारी वाजपेयी जी का जयंती मनाया।
सहरसा:सिमरीबख्तियार पुर। स्टेशन चौक दुर्गा मंदिर प्रागण में युवा क्रांति के द्वारा युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी का जयंती मनाया गया।युवा क्रांति के राष्ट्रीय संयोजक खगेश कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन संघर्ष को युवाओं सीखने और राजनीतिक जीवन मे प्रेरणादायक हैं।खगेश कुमार ने कहा वाजपेयी जी जीवन भर राजनीति में सक्रिय रहे।जवाहरलाल नेहरु जी के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ही एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद संभाले।वह भारत के सबसे सम्मानित और राजनैतिक महत्वकांक्षी में एक रहे हैं।वाजपेयी ने कई विभिन्न परिषद और संगठनों के सदस्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी।वाजपेयी एक श्री वाजपेयी जी एक प्रभावशाली कवि और प्रखर वक्ता भी थे।एक नेता के तौर पर वे अपनी छवि लोकतांत्रिक और उदार विचारों के लिए जाने गए।सन 2015 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।वाजपेयी जी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद आर एस एस द्वारा प्रकाशित पत्रिका में संपादक की नोकरी कर ली श्री वाजपेयी जी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण वह अन्य नेताओ के साथ गिरफ्तार भी हुआ।गिरफ्तारी के दौरान उनकी मुलाकात श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुआ।उनकी सबसे बड़ी त्याग उन्होंने देश सेवा के लिए अपने समस्त जीनव अविवाहित ही रहे।कार्यक्रम में उपस्थित इंदल पासवान प्रशांत कुमार अमित कुमार दीपक कुमार सूरज कुमार हेमंत कुमार कौशल कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
रतुल कुमार सोनी की रिपोर्ट
सहरसा/सिमरी बख्तियारपुर में युवा क्रांति ने अटल बिहारी वाजपेयी जी का जयंती मनाया।
सहरसा:सिमरीबख्तियार पुर। स्टेशन चौक दुर्गा मंदिर प्रागण में युवा क्रांति के द्वारा युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी का जयंती मनाया गया।युवा क्रांति के राष्ट्रीय संयोजक खगेश कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन संघर्ष को युवाओं सीखने और राजनीतिक जीवन मे प्रेरणादायक हैं।खगेश कुमार ने कहा वाजपेयी जी जीवन भर राजनीति में सक्रिय रहे।जवाहरलाल नेहरु जी के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ही एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद संभाले।वह भारत के सबसे सम्मानित और राजनैतिक महत्वकांक्षी में एक रहे हैं।वाजपेयी ने कई विभिन्न परिषद और संगठनों के सदस्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी।वाजपेयी एक श्री वाजपेयी जी एक प्रभावशाली कवि और प्रखर वक्ता भी थे।एक नेता के तौर पर वे अपनी छवि लोकतांत्रिक और उदार विचारों के लिए जाने गए।सन 2015 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।वाजपेयी जी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद आर एस एस द्वारा प्रकाशित पत्रिका में संपादक की नोकरी कर ली श्री वाजपेयी जी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण वह अन्य नेताओ के साथ गिरफ्तार भी हुआ।गिरफ्तारी के दौरान उनकी मुलाकात श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हुआ।उनकी सबसे बड़ी त्याग उन्होंने देश सेवा के लिए अपने समस्त जीनव अविवाहित ही रहे।कार्यक्रम में उपस्थित इंदल पासवान प्रशांत कुमार अमित कुमार दीपक कुमार सूरज कुमार हेमंत कुमार कौशल कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
रतुल कुमार सोनी की रिपोर्ट


