कोशी लाइव_नई सोच नई खबर।
*रितेश हन्नी*
सहरसा - इन दिनों बिहार के हर एक जिले में अपराधियों का मनोबल सांतवें आसमान पर है जिसका एक उदाहरण सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पटोरी गाँव में देखने को मिला। जहां अपराधियों ने कई लोगों के घर पर सरेआम गोलीबारी कर दहशत फैला दिया है। ज्ञात हो कि पिछले महीने सत्तरकटैया प्रखंड के पूर्व प्रमुख बिनोद चौरसिया की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था। हत्या के बाद बिगड़ते माहौल को देखकर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बिहरा थानाध्यक्ष रणवीर कुमार को हटाकर बिहरा में नए थानाध्यक्ष के रूप में अरविंद मिश्रा को तैनात किया था। बिहरा थानाध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने थाना की कमान सभांलते ही बोले कि प्रमुख के हत्यारे को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा लेकिन शुक्रवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने पूर्व प्रमुख के घर सहित अन्य लोगों के घर पर कई चक्र गोलियाँ चलाकर पुलिस को खुली चुनौती दे दिया। हालांकि घटना के बाद पूर्व प्रमुख बिनोद चौरसिया के पिता ने बिहरा थाना में आवेदन देकर अपराधियों की गिरफ्तारी और जान पर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। वहीं दहशत में जी रहे आवेदनकर्ता लक्ष्मी भगत ने दिए आवेदन की माध्यम से कहा है कि वही अपराधी जो मेरे बेटे को मारा पुनः हम लोगों को हत्या करने को धमकी देता है। जिले में बेहतर पुलिसिंग का दावा करने वाले पुलिस कप्तान सवाल यह उठता है कि जब चुस्त और दुरुस्त पुलिसिंग के लिए थानाध्यक्ष का तबादला हुआ और नए थाना अध्यक्ष ने लोगों को आश्वासन दिये कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होगी तो फिर अब तक मुख्य अपराधी पुलिस के पकड़ से बाहर क्यों ❓ जिस तरह देर रात अपराधियों ने अंधाधुन गोलीयाँ विभिन्न जगह बरसाई है उससे यही लगता है कि अपराधियों के दिलोदिमाग से पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। उक्त मामले के सम्बंध में बिहरा थानाध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिवार द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को गोली का खोखा प्रस्तुत किया है। सदर एसडीपीओ इस मामले की जांच करेंगे और फिर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।
*रितेश हन्नी*
सहरसा - इन दिनों बिहार के हर एक जिले में अपराधियों का मनोबल सांतवें आसमान पर है जिसका एक उदाहरण सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पटोरी गाँव में देखने को मिला। जहां अपराधियों ने कई लोगों के घर पर सरेआम गोलीबारी कर दहशत फैला दिया है। ज्ञात हो कि पिछले महीने सत्तरकटैया प्रखंड के पूर्व प्रमुख बिनोद चौरसिया की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था। हत्या के बाद बिगड़ते माहौल को देखकर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बिहरा थानाध्यक्ष रणवीर कुमार को हटाकर बिहरा में नए थानाध्यक्ष के रूप में अरविंद मिश्रा को तैनात किया था। बिहरा थानाध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने थाना की कमान सभांलते ही बोले कि प्रमुख के हत्यारे को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा लेकिन शुक्रवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने पूर्व प्रमुख के घर सहित अन्य लोगों के घर पर कई चक्र गोलियाँ चलाकर पुलिस को खुली चुनौती दे दिया। हालांकि घटना के बाद पूर्व प्रमुख बिनोद चौरसिया के पिता ने बिहरा थाना में आवेदन देकर अपराधियों की गिरफ्तारी और जान पर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। वहीं दहशत में जी रहे आवेदनकर्ता लक्ष्मी भगत ने दिए आवेदन की माध्यम से कहा है कि वही अपराधी जो मेरे बेटे को मारा पुनः हम लोगों को हत्या करने को धमकी देता है। जिले में बेहतर पुलिसिंग का दावा करने वाले पुलिस कप्तान सवाल यह उठता है कि जब चुस्त और दुरुस्त पुलिसिंग के लिए थानाध्यक्ष का तबादला हुआ और नए थाना अध्यक्ष ने लोगों को आश्वासन दिये कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होगी तो फिर अब तक मुख्य अपराधी पुलिस के पकड़ से बाहर क्यों ❓ जिस तरह देर रात अपराधियों ने अंधाधुन गोलीयाँ विभिन्न जगह बरसाई है उससे यही लगता है कि अपराधियों के दिलोदिमाग से पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। उक्त मामले के सम्बंध में बिहरा थानाध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिवार द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को गोली का खोखा प्रस्तुत किया है। सदर एसडीपीओ इस मामले की जांच करेंगे और फिर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।


