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सहरसा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शनिवार को बिहार बंद के दौरान शरारती तत्वों द्वारा सिमरी बख्तियारपुर मुख्य बाजार में तोड़फोड़ व मारपीट किए जाने के विरोध में रविवार को नगर पंचायत स्थित काली मंदिर प्रांगण में हजारों की संख्या में एकट्ठा होकर हाथों में लाठी डंडा लेकर आक्रोश जुलूस निकाला। जो नगर के डाक बंगला चौक पर से शुरू करते हुए भारत माता की जय का नारा लगाते हुए मुख्य बाजार की बढ़े जैसे-जैसे जुलूस आगे बढ़ता गया और भीड़ बढ़ कर हजारों की संख्या में तब्दील हो गयी। हालांकि इस सुनियोजित जुलूस को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड़ पर थी और रात से ही हर चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर रखी थी। जुलूस के साथ थानाध्यक्ष रणवीर कुमार पुलिस बल के साथ चल रहे थे। इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने जुलूस का रास्ता रानीबाग की ओर मोड़ दिया। जिसे पुलिस ने अपनी सूझबूझ से पुन: बाजार की ले आयी। हालांकि तब तक दूसरे समुदाय के लोगों में चर्चा हो गई कि बाजार से कल हुए बंदी में प्रदर्शन से आक्रोशित लोग हाथों में लाठी डंडा से लैस होकर आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग करते रानीबाग की ओर आ रहे हैं। यह आग तरह फैल गई और दूसरे तरफ से भी लोग लाठी-डंडा लेकर सड़क पर उतर आए और दोनों तरफ से पत्थरबाजी करने लगे। तब तक इस घटना की सूचना पर पूर्व से पहुंचे पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार, एएसपी बलराम चौधरी, एसडीओ वीरेंद्र कुमार, एसडीपीओ मृदुला कुमारी घटना स्थल पर पहुंच मामले को शांत कराया और दोनों पक्षों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं दो पक्षों की बीच तनाव को देखते पुलिस बलों की तैनाती कर दी।
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क्या था मामला
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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ आरजेडी ने शनिवार को बिहार बंद का सिमरी बख्तियारपुर में सुबह 9 बजे से राजद नेता अभय भगत, सैयद हैलाल अशरफ, विपिन कुमार, राजेंद्र यादव, रणवीर यादव, कांग्रेस नेता चांद मंजर इमाम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सहित हजारों समर्थक रानीबाग में जुट गए और रानीबाग में तीन स्थानों पर सड़क पर टायर ट्यूब जलाकर जाम कर दिया। फिर वहां से अपने हाथों बिल विरोधी स्लोगन की तख्ती लेकर माल गोदाम होकर स्टेशन पहुंचे और 55566 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन 9.15 बजे के इंजन पर चढ़ कर जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद सभी प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार में भ्रमण कर खुली दुकानों को बंद करवा दिया। इस दौरान दुकानदार और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामला को शांत करा दिया।
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शनिवार की रात ही हुई थी बाजार वासियों की बैठक
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बिहार बंदी के दौरान हुए जुलूस की भीड़ द्वारा सिमरी बाजार में तोड़फोड़ व मारपीट मामले से आक्रोशित बाजार वासियों ने शनिवार की शाम बाजार स्थित बड़ी दुर्गा स्थान मंदिर में एक बैठक आहूत की गई। जिसकी अध्यक्षता वार्ड पार्षद चंद्रमणि और संचालन भाजपा नगर अध्यक्ष संजीव कुमार भगत ने किया था। इस बैठक में सभी बाजार वासियों ने एक स्वर में प्रदर्शनकारियों द्वारा की गयी जबरदस्ती की निदा की थी और रविवार को स्वेच्छा से बाजार बंद कर जुलूस निकाल स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर शरारती तत्वों पर कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया था। बैठक में कहा गया था कि यह प्रदर्शन एक सोची समझी साजिश थी। उस भीड़ में अधिकांश कम उम्र के लड़के थे और सभी के हाथों में लाठी-डंडा, तलवार,भाला था। बताया गया कि शनिवार को मारपीट व लूटपाट की गई। बाजार के कुछ लोगों को टार्गेट कर घटना को अंजाम देकर वो लड़के चलते बने।
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टिकट काउंटर व दुकानों में
की तोड़फोड़ व मारपीट
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शनिवार को सलखुआ प्रखंड से आए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पोस्टऑफिस गली में कई दुकानों में बंद करवाने के दौरान तोड़फोड़ कर दी। उसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में इसका गुस्सा देखा गया और मुख्य बाजार से गुजर रहे जुलूस में शामिल लोगों से वो उलझ पड़े। जिसमें प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई और इस बीच प्रदर्शनकारियों में भगदड़ का माहौल गया। फिर मौजूद पुलिस पदाधिकारी अम्बिका प्रसाद ने किसी तरह मामले शांत कराया। इस बीच दोनों तरफ से कुछ लोग चोटिल हो गए। वहीं बनमा ईटहरी के ओर आए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रानीबाग रेलवे क्रासिग ढाला के समीप रेलवे ट्रैक पर आगजनी कर रेल यातायात को ठप कर दिया। इस बीच सिमरी बख्तियारपुर ऑउटर सिग्नल पर मालगाड़ी अप 9.25 से रुकी रही। इधर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन रुकी रही। इसी बीच प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर टिकट काउंटर पर जमकर तोड़फोड़ कर दी और स्टेशन पर लगी ट्रेन पर डंडा पीटने लगे। यह देख यात्रियों ने बोगी के खिड़की व दरवाजे को बंद कर लिया। लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने शीशे तोड़ दिये।
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मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव
ने दिया संदेश
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सिमरी बख्तियारपुर के पूर्व विधायक सह मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने अपने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए संदेश दिया कि लोकतंत्र में विरोध करने का सबको अधिकार है। यही लोकतंत्र की बुनियाद भी है। यदि सरकार के किसी नीति या कामकाज को लेकर आपत्ति या कठिनाई हो तो विरोध करना नागरिक का कर्तव्य भी है। लेकिन बिहार राज्य के सहरसा जिला अन्तर्गत सिमरी बख्तियारपुर बाजार में 21 दिसंबर को बड़ा मॉब बना कर कई दुकान को क्षति पहुंचाना, लोगों को मारपीट करना, आतंकित करना आपत्तिजनक ही नहीं बल्कि अलोकतांत्रिक भी है। इसकी जितनी निदा की जाय, वह कम है। हिसा करने वाले लोग इस भ्रम में ना रहें कि वही सर्वशक्तिमान है। प्रशासन को भी ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि जनमानस में भी भरोसा बरकरार रहे।
