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अक्की।
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_अपनी पुरी टीम के साथ जीत के लिए प्रत्याशी जफर आलम का करेंगे प्रचार_
सहरसा (सिमरी बख्तियारपुर) - बिहार विधानसभा उपचुनाव में टिकट का दौर खत्म हो चला है दोनों बड़े गठबंधन एनडीए एवं राजद ने अपना अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। एनडीए ने जदयू के पूर्व विधायक डॉ अरुण कुमार को प्रत्याशी बनाया है। वहीं राजद ने अपने जिलाध्यक्ष जफर आलम पर विश्वास जताते हुए यहां से प्रत्याशी घोषित किया है। राजद गठबंधन से टिकट के दौर में कई नेताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी दी थी लेकिन टिकट जिलाध्यक्ष के पाले में गई हलांकि टिकट नहीं मिलने से कुछ नेताओं में नाराजगी भी देखी गई जिनमें राजद नेता मिथिलेश विजय का नाम खुलकर सामने आया वे बकायदा बैठक कर इसका इजहार भी किए। इस बीच टिकट के दौर में चले पूर्व जिप उपाध्यक्ष सह लोजद प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश ने राजद प्रत्याशी जफर आलम के पक्ष में अपना समर्थन देने की बात कह विरोधी खेमे में निंद उड़ाने का काम किया है। चुंकि रितेश रंजन ने अपनी पुरी कार्यकर्ताओं की टीम के साथ राजद प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का निर्णय लिया है। यहां बता दें कि रितेश रंजन गत विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर यहां से चुनाव लड़ा वो भी राजद-जदयू गठबंधन के दिनेश चंद्र यादव एवं लोजपा-भाजपा गठबंधन के युसूफ सलाउद्दीन के विरूद्ध और तिसरे स्थान पर रहते लगभग दस हजार वोट प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। शनिवार को पटना से लौटकर रितेश रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कहा है कि वे भी लोकतांत्रिक जनता दल का प्रदेश उपाध्यक्ष होने के नाते मंडल मसीहा शरद यादव के माध्यम से टिकट महागठबंधन का टिकट प्राप्त करना चाह रहा था। लेकिन शोषित, दलित एवं पिछड़ा समाज को आवाज देने वाले एवं राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ने वाले लालू प्रसाद यादव ने राजद के जिला अध्यक्ष जफर आलम को प्रत्याशी बनाया। महागठबंधन के इस निर्णय का वे स्वागत करते हैं एवं उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी टीम के साथ मेहनत करने को तैयार हूं। सिमरी बख्तियारपुर सहित सुबे में 5 सीट पर चुनाव होने जा रहा यह उपचुनाव जनमत के मिजाज को तय करेगा। जो आगे 2020 के चुनाव का भविष्य तय करेगा। उन्होंने कहा कि आज देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। सरकार ने रिजर्व बैंक से पैसे लेकर अपनी आर्थिक कमजोरी को जगजाहिर कर दिया है। बिहार में कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सब कुछ चौपट हो गया है। ऐसी परिस्थिति में आम जनता को आने वाले समय में विकल्प तलाशना पड़ेगा। यहां बताते चलें कि इस विधानसभा सीट से राजद महागठबंधन घटक दल के मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है शनिवार को मुकेश सहनी एक चुनावी सभा भी आयोजित किया अपने प्रत्याशी दिनेश निषाद के समर्थन में ऐसे समय में लोजद नेता का साथ राजद प्रत्याशी के लिए खुशी की बात होगी।
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_अपनी पुरी टीम के साथ जीत के लिए प्रत्याशी जफर आलम का करेंगे प्रचार_
सहरसा (सिमरी बख्तियारपुर) - बिहार विधानसभा उपचुनाव में टिकट का दौर खत्म हो चला है दोनों बड़े गठबंधन एनडीए एवं राजद ने अपना अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। एनडीए ने जदयू के पूर्व विधायक डॉ अरुण कुमार को प्रत्याशी बनाया है। वहीं राजद ने अपने जिलाध्यक्ष जफर आलम पर विश्वास जताते हुए यहां से प्रत्याशी घोषित किया है। राजद गठबंधन से टिकट के दौर में कई नेताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी दी थी लेकिन टिकट जिलाध्यक्ष के पाले में गई हलांकि टिकट नहीं मिलने से कुछ नेताओं में नाराजगी भी देखी गई जिनमें राजद नेता मिथिलेश विजय का नाम खुलकर सामने आया वे बकायदा बैठक कर इसका इजहार भी किए। इस बीच टिकट के दौर में चले पूर्व जिप उपाध्यक्ष सह लोजद प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश ने राजद प्रत्याशी जफर आलम के पक्ष में अपना समर्थन देने की बात कह विरोधी खेमे में निंद उड़ाने का काम किया है। चुंकि रितेश रंजन ने अपनी पुरी कार्यकर्ताओं की टीम के साथ राजद प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने का निर्णय लिया है। यहां बता दें कि रितेश रंजन गत विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर यहां से चुनाव लड़ा वो भी राजद-जदयू गठबंधन के दिनेश चंद्र यादव एवं लोजपा-भाजपा गठबंधन के युसूफ सलाउद्दीन के विरूद्ध और तिसरे स्थान पर रहते लगभग दस हजार वोट प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। शनिवार को पटना से लौटकर रितेश रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कहा है कि वे भी लोकतांत्रिक जनता दल का प्रदेश उपाध्यक्ष होने के नाते मंडल मसीहा शरद यादव के माध्यम से टिकट महागठबंधन का टिकट प्राप्त करना चाह रहा था। लेकिन शोषित, दलित एवं पिछड़ा समाज को आवाज देने वाले एवं राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ने वाले लालू प्रसाद यादव ने राजद के जिला अध्यक्ष जफर आलम को प्रत्याशी बनाया। महागठबंधन के इस निर्णय का वे स्वागत करते हैं एवं उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी टीम के साथ मेहनत करने को तैयार हूं। सिमरी बख्तियारपुर सहित सुबे में 5 सीट पर चुनाव होने जा रहा यह उपचुनाव जनमत के मिजाज को तय करेगा। जो आगे 2020 के चुनाव का भविष्य तय करेगा। उन्होंने कहा कि आज देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। सरकार ने रिजर्व बैंक से पैसे लेकर अपनी आर्थिक कमजोरी को जगजाहिर कर दिया है। बिहार में कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सब कुछ चौपट हो गया है। ऐसी परिस्थिति में आम जनता को आने वाले समय में विकल्प तलाशना पड़ेगा। यहां बताते चलें कि इस विधानसभा सीट से राजद महागठबंधन घटक दल के मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है शनिवार को मुकेश सहनी एक चुनावी सभा भी आयोजित किया अपने प्रत्याशी दिनेश निषाद के समर्थन में ऐसे समय में लोजद नेता का साथ राजद प्रत्याशी के लिए खुशी की बात होगी।

