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छपरा के मढौरा में मंगलवार की रात करीब 8 बजे अपराधियों से हुए मुठभेड़ में सहरसा के जवान की मौत से उसके गांव में मातम छा गया है। शहीद जवान मोहम्मद फारूक आलम सहरसा जिला के गम्हरिया पंचायत के वार्ड नंबर 9 के रहने वाले थे।
पंचायत सहित प्रखंड जिला के लोग जिन्होंने भी घटना के बारे में सुना सभी शहीद जवान के घर आकर उनके पिता मोहम्मद अलीम को सांत्वना दिए। जानकारी अनुसार शहीद के पिता मोहम्मद अलीम ने बताया कि बकरीद पर्व को लेकर वह बीते सप्ताह ही ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आया था। इसके बाद बीते सोमवार को वापस छपरा ड्यूटी पर गया ही था कि दूसरे ही दिन मंगलवार को करीब 9:30 बजे रात मुझे सूचना मिली की बदमाशों के साथ मुठभेड़ में बेटा शहीद हो गया है। मुझे तो पहली बार विश्वास ही नहीं हुआ कि मेरा बेटा कल गया ही है और आज कैसे उनकी मौत हो जाएगी फिर जब बैजनाथपुर पुलिस के माध्यम से सूचना मिली तो घर में मातम छा गया। इसके बाद करीब 12:30 बजे रात में एसपी साहब और डीएसपी प्रभाकर तिवारी ने मेरे घर पर आकर मेरे परिवार और मुझे सांत्वना दी और कहा कि मैं कल फिर आपके बेटे की डेड बॉडी को लेकर आऊंगा।
बुधवार के सुबह से ही शहीद के घर लोगों का तांता लगना शुरू हो गया वहीं पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। शहीद मोहम्मद फारूक के बड़े भाई मोहम्मद फिरोज भी पटना में पुलिस इंस्पेक्टर हैं। इनके निकाह को करीब 1 साल भी पूरा नहीं हुआ। 9 सितंबर 2018 को सहरसा बस्ती निवासी मोहम्मद उस्मान के पुत्री गुफराना परवीन से निकाह हुआ था। पत्नी का भी रो रो कर बुरा हाल है कुछ भी नहीं बोल पा रही है रोते-रोते बार-बार बेहोश हो जाती है।
