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Monday, August 5, 2019

मधेपुरा:कुमारखंड में जल आपूर्ति केंद्र की स्थिति बदतर

कोशी लाइव:
कुमारखंड में जल आपूर्ति केंद्र की स्थिति बदतर.....

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कुमारखंड(मधेपुरा)राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ जल आपूर्ति कराने के उद्देश्य से निर्मित जल आपूर्ति केंद्र जल आपूर्ति कराने से पहले ही बर्बाद होने लगा है|वहीँ सात निश्चय के तहत संचालित जल नल योजना के तहत सभी वार्डों में जल आपूर्ति केंद्र स्थापित करने की शुरुआत की गयी है|जानकारी के अनुसार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में निर्मित सौर चालित जल आपूर्ति केंद्र तथा वाटर टेंक रखरखाव और विभागीय उदासीनता के कारण स्वच्छ जल आपूर्ति करने से पहले ही बर्बाद होने लगा है। वहीँ सरकार के सात निश्चय योजना के तहत सभी पंचायतों में जल नल योजना के तहत स्वच्छ जल पहुचाने के लिए सभी वार्डों में कुल 300 जलापूर्ति केंद्र के स्थापित करने की तैयारी शुरू की गई है।इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियों को इस कार्य में लगाया गया है वहीं प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में स्थापित सौर चालित जल संचरण केंद्र एवं वाटर टेंक नाकारा साबित हो रहा है।विभागीय उदासीनता एवं सरकारी आदेश, निर्देश के चक्कर में प्रखंड के21पंचायत में स्थापित सौर चालित जल संचरण केंद्र में लगे वाटर टेंक एवं जल शुद्धि यंत्र की सफाई नहीं की जा रही है न ही उसके ओपरेटर सह सुरक्षा गार्ड के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है इतना ही नहीं वाटर सप्लाई पोष्ट भी खराब परे हैं जिसे देखने वाल तक नहीं है।वहीं ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर चण्डीस्थान के केवटगामा वार्ड संख्या-13में स्थापित सौर चालित जल आपूर्ति केंद्र में दो वर्ष बाद भी जल सुद्दि करण यंत्र(आर.ओ)नहीं लग सका है।यही हाल अन्य पंचायतों में लगे केंद्रों का भी है।इसी तरह प्रखंड मुख्यालय परिसर समेत रामनगर महेश पंचायत के रामकृष्ण मध्य विद्यालय श्रीनगर एवं पुरैनी पंचायत के मध्य विद्यालय कररिया में स्थापित वाटर टेंक निर्माण के चार साल बाद भी लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल सकी है।इधर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में तीन सौ वाटर टेंक लगाने की वृरत योजना संचालित की गई है।इसके लिए अंचलाधिकारी द्वारा सरकारी जमीन चिन्हित करने का कार्य शुरू है।मालूम हो कि प्रखंड के 287वार्डों में कुल तीन सौ जल संयंत्र लगाने की योजना बनाई गई है जबकि चालीस सौर चालित जल संयंत्र एवं पंप चालित तीन वाटर टेंक पुर्व से निर्मित है जो ग्रामीण स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के उदासीनता के कारण बंद पडा है।वहीं दुसरी ओर करीब 35लाख की लागत से सभी वार्डों में जल आपुर्ति केंद्र स्थापित करने की योजना चलाई जा रही है।इधर स्थानीय राहुल कुमार, मंटु कुमार, मु.जावेद, बिनोद कुमार, मु अदुद,मु.खुर्शीद आलम,रणधीर कुमार, संजय कुमार, मुकेश कुमार, पिंटु यादव, संजय यादव, रौशन कुमार, नीरज कुमार, संतोष कुमार, आलोक कुमार, दीपक कुमार, सुधीर कुमार, पिंकू कुमार, पवन कुमार, बाबुल कुमार, कुंदन कुमार, ई.संजय, बिजय यादव आदि ने कहा कि सरकार देखावा के लिए योजना लाती है इसका लाभ आम जनों को नहीं मिल पाता है।लोगों ने यह भी कहा कि पी एच ई डी विभाग को पहले से स्थापित जल आपुर्ति केंद्रों को दुरुस्त कर उसका लाभ लोगों तक पहुचाना चाहिए उसके बाद वंचितों के लिए योजना का प्रस्ताव देना चाहिए।