कोशी लाइव:@घैलाढ़ मधेपुरा से
राजेश कुमार:
घैलाढ़ प्रखंड के सभी पंचायतो में 16 अगस्त से सरकार भवन में पंचायत कृषि कार्यलय कार्य करना शुरू हो गया है।अब किसानों को प्रखंड जाने की आवश्यकता कम हो गयी है।इसी कड़ी में श्रीनगर पंचायत में शनिवार को किसान सलाहकार राजेश कुमार पंचायत सरकार भवन में बैठ कर किसानों का कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।किसान सलाहकार राजेश कुमार ने बताया कि अवकाश के दिन छोर कर सभी दिन सरकार के निर्देश के आलोक में प्रतिदिन 10 से 1 बजे तक कृषि कार्यलय में बैठ कर किसानों की सभी समस्याओं को सुन कर समाधान की प्रक्रिया जहाँ शुरू कर दिया हूं वही 1बजे के बाद गांव में घूम घूम कर किसानों को योजनाओं की जानकारी दे रहा हूँ।उन्होंने बताया कि श्रीनगर पंचायत में अब तक सेकड़ो किसानों ने डीजल अनुदान,प्रधान मंत्री सम्मान निधि योजना,मानधन योजना,बिहार राज्य फसल योजना के तहद ऑनलाइन आबेदन किये है।तथा कई किसानों के खाता में राशि भी हस्तांतरित भी हुआ है।इस तरह पंचायत में कृषि कार्यलय खुलने से किसानों में ख़ुशी देखी जा रही है।किसान प्रभात कुमार,रामदेब यादव,शंकर यादव,बिशेस्वर मेहता आदि ने बताया कि अब हमलोगों को प्रखंड कार्यलय जाने का चक्कर छूट गया है।
राजेश कुमार:
घैलाढ़ प्रखंड के सभी पंचायतो में 16 अगस्त से सरकार भवन में पंचायत कृषि कार्यलय कार्य करना शुरू हो गया है।अब किसानों को प्रखंड जाने की आवश्यकता कम हो गयी है।इसी कड़ी में श्रीनगर पंचायत में शनिवार को किसान सलाहकार राजेश कुमार पंचायत सरकार भवन में बैठ कर किसानों का कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।किसान सलाहकार राजेश कुमार ने बताया कि अवकाश के दिन छोर कर सभी दिन सरकार के निर्देश के आलोक में प्रतिदिन 10 से 1 बजे तक कृषि कार्यलय में बैठ कर किसानों की सभी समस्याओं को सुन कर समाधान की प्रक्रिया जहाँ शुरू कर दिया हूं वही 1बजे के बाद गांव में घूम घूम कर किसानों को योजनाओं की जानकारी दे रहा हूँ।उन्होंने बताया कि श्रीनगर पंचायत में अब तक सेकड़ो किसानों ने डीजल अनुदान,प्रधान मंत्री सम्मान निधि योजना,मानधन योजना,बिहार राज्य फसल योजना के तहद ऑनलाइन आबेदन किये है।तथा कई किसानों के खाता में राशि भी हस्तांतरित भी हुआ है।इस तरह पंचायत में कृषि कार्यलय खुलने से किसानों में ख़ुशी देखी जा रही है।किसान प्रभात कुमार,रामदेब यादव,शंकर यादव,बिशेस्वर मेहता आदि ने बताया कि अब हमलोगों को प्रखंड कार्यलय जाने का चक्कर छूट गया है।
