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Thursday, June 13, 2019

सुपौल:आजादी से आज तक बिजली के लिए तरस रहे हैं। इस वार्ड के करीब पांच सौ लोग

कोशी लाइव:
आजादी से आज तक बिजली के लिए तरस रहे हैं। इस वार्ड के करीब पांच सौ लोग.......

छातापुर।सुपौल।संतोष कुमार भगत

सरकार के द्वारा हर घर बिजली मुहैया कराने के बावजूद छातापुर प्रखंड के बिशनपुर गुलामी वार्ड नo- 09 के इस गांव के लोग आजादी से आज तक बिजली के लिए तरस रहे हैं। इस वार्ड के करीब पांच सौ लोग बिजली से वंचित हैं। सत्ता में कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन इस गांव के लोगों की किस्मत नहीं बदली। आज भी ये लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ऐसा नहीं है कि इस गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। गांव में खड़ंजा है, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था है, प्राथमिक स्कूल हैं, लेकिन बिजली नहीं है। गांव में बिजली के नाम पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वो हर चुनाव में ठगे जाते हैं। नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और यह कहकर चले जाते हैं कि जीतने के बाद उनके गांव में बिजली की सुविधा होगी, लेकिन नेता चुनाव जीतने के बाद फिर गांव की तरफ मुड़कर नहीं देखते। बतादें कि बलुआ बाजार पूर्व रेलमंत्री व कद्दावर नेता स्व. ललितनारायण मिश्र, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगरनाथ मिश्र व पूर्व पथ निर्माण मंत्री स्व. अमरेंद्र मिश्र का पैतृक गांव रहा है इसके बावजूद क्षेत्र में लोग बिजली की समस्या से कोशों दूर है।

लालटेन की रोशनी में पढ़ते हैं बच्चे।

21वीं शताब्दी में भी इस गांव के बच्चे लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते हैं। हो सकता है आपको इसपर यकीन ना हो, लेकिन अगर आप रात के वक्त में इस गांव से गुजरेंगे तो आपका सन्नाट पसरा हुआ महसूस होगा। हर घर से लालटेन की हल्की रोशनी नजर आएगी। गांव के लोगों का कहना है कि इस गांव के युवकों की शादी भी नहीं हो पा रही है। गांव में कई ऐसे नौजवान हैं, जिनकी शादी सिर्फ इसलिए नहीं हो रहा है क्योंकि, वे गांव में ही रोजगार करते हैं और गांव में बिजली की सुविधा नहीं है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

बिशनपुर गुलामी वार्ड 9 गांव के प्रधान मिश्रीलाल पासवान कहते हैं कि उन्होंने गांव में बिजली लाने के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। गांव में लोग घर में रोशनी करने के लिए सोलर लाइट के साथ मिट्टी के तेल का प्रयोग करते हैं। पढ़ने वाले बच्चे लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते हैं। वहीं ग्रामीण बिन्देव पासवान, चनरदेव पासवान, सुदामा देवी, अजित कुमार मेहता आदि का कहना है कि हमलोग यहाँ कई वर्षो से घर बनाकर रह रहे हैं लेकिन आज तक बिजली नसीब नहीं हो सका है। बिजली नहीं रहने की वजह से लालटेन या फिर मोमबत्ती से रात गुजारना पड़ता है। वहीं बिजली नहीं रहने की वजह से मोबाइल, पंखा व टेलीविजन देखना भी समस्या का कारण बना रहता है । कहा कि बीते 6 माह पूर्व भी जब बिजली कनेक्शन हेतू शिवीर लगी थी उस समय भी हमलोग शिवीर में आधार कार्ड के अलावे अन्य कागजात भी विभाग को सुपुर्द किये थे लेकिन 6 माह से उपर गुजरने के बाद भी मामला जस का तस है। बिलजी की दिशा में ना तो अब तक पीलर गड़वाया गया है और ना ही बिजली की कनेक्शन दी गई है। इधर, बिजली के संदर्भ में बिजली विभाग के कनीय अभियंता जावेद अख्तर से जब पुछा गया तो उनहोनें बताया कि अभी एग्रीकल्चर की कार्य चल रही है। साथ ही उस गांव में बिजली पहुंचाने की बात चल रही है और जल्द ही बिलजी सुविधा बहाल कर लोगों को होने वाली परेशानी से निजात दिलाया जाएगा।