कोशी लाइव:@रतूल कु सोनी
खगड़िया बेलदौर बजरंग दल कार्यकर्ता द्वारा।नवरात्र के साथ ही शनिवार को हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होगी।इसके लिए शुक्रवार से ही बाजार से लेकर बजरंग वाली मंदिर को सज गये है।वहीं लोग भी पूजा अर्चना को लेकर सामान जुटाने में लगे है।उधर कुछ लोग नवरात्र के साथ हिंदू नववर्ष को लेकर हमेशा संशय में रहते है।आपके इसी संशय को दूर करने के लिए हम बताते है क्या आैर कब से शुरू होता है हिंदू नववर्ष।इसमें क्या खास होता हैं। जानिए की क्या हैं विक्रम संवत के अनुसार ही मनाया जाता है संजय कुमार वार्म ने बोला हिंदू नववर्ष
बेलदौर के बजरंग वाली मंदिर के मुख्य पुजारी संतोष कुमार ने बताया कि भारतीय पंचांग और काल निर्धारण का आधार विक्रम संवत हैं। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश की उज्जैन नगरी से हुई थी।यह कैलेन्डर राजा विक्रमादित्य के शासन काल में जारी हुआ था।इसलिए इसे जय श्री राम के नाम से जाना जाता हैं।इसी के अनुसार हर वर्ष नवरात्र के पहले दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।इसके लिए मंदिर में तैयारियों से लेकर भक्त भी लग जाते है।
जीत के बाद विक्रमादित्य जारी किया था भारतीय कैलेंडर
विक्रमादित्य ने जीत के बाद जब राज्यारोहण हुआ। तब उन्होंने प्रजा के तमाम ऋणों को माफ करने का ऐलान किया। आैर नए भारतीय कैलेंडर को जारी किया, इसे विक्रम संवत नाम दिया गया।ईसा पूर्व 57 में जारी किया गया। विक्रम संवत आज तक भारतीय पंचाग और काल निर्धारण का आधार बना हुआ हैं। इसी कलेंडर के अनुसार ही हिंदू नववर्ष से लेकर नवरात्र मनाये जाते है।
हिंदू नववर्ष को लेकर स्कलों में आयोजित होगा मेला
हिंदू नववर्ष की शुरुआत होते ही मंदिर में आयोजन किया जाता है। इसी बीच संजय वर्मा बोले हम हिन्दू को हिंदू नववर्ष के शुभाअवसर पर सभी हिंदू भाई के घरों में भगवा ध्वज लगाना जरूरी है।इसमें बजरंग दल मंत्री संजय कुमार वर्मा पहुंचे।उन्होंने यहां हिंदू की सनातन सभ्यता संस्कार को बचाने पर जोर देने के साथ ही दिये।उन्होंने इस अवसर पर राम मंदिर प्रत्येक राम मंदिर में सन्तों द्वारा जय राम जय राम की जाप होनी चाहिए।
खगड़िया बेलदौर बजरंग दल कार्यकर्ता द्वारा।नवरात्र के साथ ही शनिवार को हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होगी।इसके लिए शुक्रवार से ही बाजार से लेकर बजरंग वाली मंदिर को सज गये है।वहीं लोग भी पूजा अर्चना को लेकर सामान जुटाने में लगे है।उधर कुछ लोग नवरात्र के साथ हिंदू नववर्ष को लेकर हमेशा संशय में रहते है।आपके इसी संशय को दूर करने के लिए हम बताते है क्या आैर कब से शुरू होता है हिंदू नववर्ष।इसमें क्या खास होता हैं। जानिए की क्या हैं विक्रम संवत के अनुसार ही मनाया जाता है संजय कुमार वार्म ने बोला हिंदू नववर्ष
बेलदौर के बजरंग वाली मंदिर के मुख्य पुजारी संतोष कुमार ने बताया कि भारतीय पंचांग और काल निर्धारण का आधार विक्रम संवत हैं। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश की उज्जैन नगरी से हुई थी।यह कैलेन्डर राजा विक्रमादित्य के शासन काल में जारी हुआ था।इसलिए इसे जय श्री राम के नाम से जाना जाता हैं।इसी के अनुसार हर वर्ष नवरात्र के पहले दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।इसके लिए मंदिर में तैयारियों से लेकर भक्त भी लग जाते है।
जीत के बाद विक्रमादित्य जारी किया था भारतीय कैलेंडर
विक्रमादित्य ने जीत के बाद जब राज्यारोहण हुआ। तब उन्होंने प्रजा के तमाम ऋणों को माफ करने का ऐलान किया। आैर नए भारतीय कैलेंडर को जारी किया, इसे विक्रम संवत नाम दिया गया।ईसा पूर्व 57 में जारी किया गया। विक्रम संवत आज तक भारतीय पंचाग और काल निर्धारण का आधार बना हुआ हैं। इसी कलेंडर के अनुसार ही हिंदू नववर्ष से लेकर नवरात्र मनाये जाते है।
हिंदू नववर्ष को लेकर स्कलों में आयोजित होगा मेला
हिंदू नववर्ष की शुरुआत होते ही मंदिर में आयोजन किया जाता है। इसी बीच संजय वर्मा बोले हम हिन्दू को हिंदू नववर्ष के शुभाअवसर पर सभी हिंदू भाई के घरों में भगवा ध्वज लगाना जरूरी है।इसमें बजरंग दल मंत्री संजय कुमार वर्मा पहुंचे।उन्होंने यहां हिंदू की सनातन सभ्यता संस्कार को बचाने पर जोर देने के साथ ही दिये।उन्होंने इस अवसर पर राम मंदिर प्रत्येक राम मंदिर में सन्तों द्वारा जय राम जय राम की जाप होनी चाहिए।
