कोशी लाइव:
छातापुर। सुपौल।संतोष कुमार भगत
घीवहा पंचायत स्तिथ वार्ड 1 के अल्पसंख्यक टोला के लोगों ने अपने गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर रोड नही तो किसी नेता के पक्ष में वोट नही करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर टोला के लोग एकजुट होकर इसबार के मतदान में नोटा का बटन दबाने की घोषण किया है। लोगों ने कहा कि उनके पंचायत की सड़क की स्थिति काफी बदहाल है। जबकि स्वच्छ पानी और गांव के स्कूल में उर्दू शिक्षक भी नही है। लोगों ने कहा कि अपने पंचायत की समस्या को लेकर ग्रामीण इस बार सड़क समेत गांव के बुनियादी सुविधा को लेकर आगामी 23 अप्रेल को होने वाले लोकसभा चुनाव में नोटा बटन दबाने का निर्णय लिया है ।टोला के ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 72 वर्ष बीतने के बाद भी उनलोगों के गावँ में ना ही आजतक पक्की सड़क बना है। जबकि अस्पताल, पीने का शुद्ध पेयजल की भी विधि व्यवस्था नही है। लोगों ने कहा कि गांव में एक उर्दू स्कूल है, जिसमें 15 वर्षों से एक भी उर्दू शिक्षक नहीं है । केवल नाम का ही उनके पंचायत में उर्दू स्कूल है। लोगों ने कहा कि समस्या के समाधान को लेकर कई बार पदाधिकारियों का दरवाजा उनलोगों ने खट खटाया लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हुआ है। लोगों ने कहा कि सालों से उन लोगों को केवल पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि कोरा आस्वासन देने का कार्य किया है। इसी बातों को लेकर उनलोगो ने इस बार के लोक सभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को वोट नही देने का निर्णय लिया है । ग्रामीणों ने गुस्सा जताते हुये कहा कि कई बार चुनाव के समय मे नेता जी सब वोट के लिए वादे तो कर के वोट ले लेते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद एक भी वादा पूरा नहीं करते है । इसलिये उन्हें वादा नही इसबार विकाश चाहिये। इसलिये सभी ग्रामीणों ने मिलकर यह निर्णय लिये है। ग्रामीण मो. मुख्तार, मो. आबिद हुसैन, मो. करीमुल्लाह, मो. अजीमुल्लाह, मो. सुलेमान, गणेश शर्मा, मो. नौशाद आदिल, मौलाना अब्दुल जलील, मो. जियाउल्लाह, मो. फारूक, मो.तस्लीम, मो. इरशाद, जमिलअखतर, मो.सत्तार आदि ने कहा कि इस बार गांव के लोग नोटा दबाकर अपने गांव की उपेक्षा करने वालों को सीख देने का कार्य करेंगे।
फ़ोटो केप्सन: घीवहा पंचायत के ग्रामीण सड़क समेत बुनियादी सुविधा की मांग कोलेकर नोटा दबाने का निर्णय लेते है।
छातापुर। सुपौल।संतोष कुमार भगत
घीवहा पंचायत स्तिथ वार्ड 1 के अल्पसंख्यक टोला के लोगों ने अपने गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर रोड नही तो किसी नेता के पक्ष में वोट नही करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर टोला के लोग एकजुट होकर इसबार के मतदान में नोटा का बटन दबाने की घोषण किया है। लोगों ने कहा कि उनके पंचायत की सड़क की स्थिति काफी बदहाल है। जबकि स्वच्छ पानी और गांव के स्कूल में उर्दू शिक्षक भी नही है। लोगों ने कहा कि अपने पंचायत की समस्या को लेकर ग्रामीण इस बार सड़क समेत गांव के बुनियादी सुविधा को लेकर आगामी 23 अप्रेल को होने वाले लोकसभा चुनाव में नोटा बटन दबाने का निर्णय लिया है ।टोला के ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 72 वर्ष बीतने के बाद भी उनलोगों के गावँ में ना ही आजतक पक्की सड़क बना है। जबकि अस्पताल, पीने का शुद्ध पेयजल की भी विधि व्यवस्था नही है। लोगों ने कहा कि गांव में एक उर्दू स्कूल है, जिसमें 15 वर्षों से एक भी उर्दू शिक्षक नहीं है । केवल नाम का ही उनके पंचायत में उर्दू स्कूल है। लोगों ने कहा कि समस्या के समाधान को लेकर कई बार पदाधिकारियों का दरवाजा उनलोगों ने खट खटाया लेकिन आज तक समस्या का समाधान नही हुआ है। लोगों ने कहा कि सालों से उन लोगों को केवल पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि कोरा आस्वासन देने का कार्य किया है। इसी बातों को लेकर उनलोगो ने इस बार के लोक सभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को वोट नही देने का निर्णय लिया है । ग्रामीणों ने गुस्सा जताते हुये कहा कि कई बार चुनाव के समय मे नेता जी सब वोट के लिए वादे तो कर के वोट ले लेते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद एक भी वादा पूरा नहीं करते है । इसलिये उन्हें वादा नही इसबार विकाश चाहिये। इसलिये सभी ग्रामीणों ने मिलकर यह निर्णय लिये है। ग्रामीण मो. मुख्तार, मो. आबिद हुसैन, मो. करीमुल्लाह, मो. अजीमुल्लाह, मो. सुलेमान, गणेश शर्मा, मो. नौशाद आदिल, मौलाना अब्दुल जलील, मो. जियाउल्लाह, मो. फारूक, मो.तस्लीम, मो. इरशाद, जमिलअखतर, मो.सत्तार आदि ने कहा कि इस बार गांव के लोग नोटा दबाकर अपने गांव की उपेक्षा करने वालों को सीख देने का कार्य करेंगे।
फ़ोटो केप्सन: घीवहा पंचायत के ग्रामीण सड़क समेत बुनियादी सुविधा की मांग कोलेकर नोटा दबाने का निर्णय लेते है।
