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सुपौल
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नेपाल के जंगल से भटककर भारतीय सीमा में घुसे एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार को दिनभर अलग-अलग क्षेत्रों में भटकते हुए इस हाथी ने तीन लोगों को पटक-पटककर मार डाला। इसके अलावा लगभग आधा दर्जन लोग घायल भी हुए हैं। इनमें कुछ को हाथी ने घायल किया है तो कुछ भागने के क्रम में गिरकर घायल हुए हैं।
भारत-नेपाल सीमा से लगभग 35 किलोमीटर दूर अंदर रिहायशी इलाके तक पहुंचे हाथी ने कई कच्चे घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। सैकड़ों एकड़ खेत में लगी गेहूं और मकई की फसल को भी रौंद कर बर्बाद कर दिया है। तीन लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए डीएम महेन्द्र कुमार ने बताया कि हाथी को वापस जंगल में भेजने के लिये पूर्णिया से वन विभाग की टीम पहुंच गयी है। फिलहाल हाथी को रिहायशी इलाके में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात अपने झुंड से बिछड़कर एक हाथी बसंतपुर प्रखंड के भीमनगर के लालपुर वार्ड 13 में पहुंच गया। वहां कुछ घरों को क्षतिग्रस्त करते हुए हाथी पूर्वी कोसी तटबंध के 8 किमी होते हुए करजाईन पंचायत के बसावनपट्टी वार्ड एक में प्रवेश कर गया। यहां एक महिला को घायल करने के बाद हाथी बैरदह होते हुए एनएच 57 को पार कर रामनगर इलाके में पहुंचा। रामनगर में फसलों और कुछ घरों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी भटकते हुए राघोपुर प्रखंड के करजाईन थाना क्षेत्र के मोतीपुर पंचायत में प्रवेश कर गया। यहां साइकिल से अपने खेत को देखने निकले छिंट मोतीपुर निवासी युगेश्वर यादव (50) को हाथी ने पटक-पटककर मार डाला। लोगों के हल्ला करने पर हाथी वहां से भटकता हुआ धर्मपट्टी गांव पहुंचा। यहां उसने एक 12 साल के लड़के मो. जब्बार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद हाथी देवीपुर पंचायत की ओर निकला।
उधर, जहलीपट्टी निवासी परमेश्वरी राम की पत्नी चनिया देवी (55) अपनी बकरी को चारा खिलाने के लिए खेत ले जा रही थी। हाथी ने उन्हें भी उठाकर पटक दिया और पैर से कुचल कर मार डाला। इसके बाद हाथी इसी पंचायत के कोरियापट्टी गांव पहुंचा। वहां अपने मकई के खेत में काम कर रहे रंजीत साह (45) को भी हाथी ने पैर से कुचल कर मार डाला।
सुपौल के डीएम महेन्द्र कुमार ने बताया कि हाथी द्वारा अबतक तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। पूर्णिया से वन विभाग की स्पेशल टीम को बुला लिया गया है। रात होने पर जब लोगों की गतिविधि कम होगी तब हाथी को वापस जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया जाएगा।
