Kosi Live-कोशी लाइव सहरसा:मजदूर का अपहरण, 20 लाख मांगी फिरौती - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Friday, March 8, 2019

सहरसा:मजदूर का अपहरण, 20 लाख मांगी फिरौती

कोशी लाइव:अक्की


मधेपुरा। मुख्यालय से बीते दो मार्च की शाम एक मजदूर का अहरण कर लिया गया है। उसका अबतक पता नहीं चला पाया है। घरवाले जहां उसकी बरामदगी को लेकर काफी परेशान हैं। वहीं अपहरणकर्ता अपहृत के मोबाइल से ही बार-बार फोन कर 20 लाख रुपये फिरौती की मांग कर रहा है। फिरौती की रकम अदा नहीं करने पर हत्या कर देने की धमकी दी जा रही है। जबकि इस मामले में पुलिस एक नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी के सिवाय अबतक कुछ भी हासिल नही कर पाई है। मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यालय पंचायत के वार्ड संख्या एक कोयला टोला निवासी 55 वर्षीय कपिलदेव सिंह मुख्य बाजार स्थित एक सरसो तेल पेराई करने वाले व्यवसायी के यहां मजदूर के रूप में काम करता था। दो मार्च को काम कर घर लौटने के क्रम में मुख्य बाजार से ही उसका अपहरण कर लिया गया। जबकि अपहृत मजदूर का मोटरसाइकिल अगले दिन बलखदहा स्थित पंडित टोले में एक दरवाजे पर लॉक अवस्था में पाया गया। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया। चार मार्च को अचानक अपहृत मजदूर के मोबाइल से उसकी पत्नी अनीता देवी से पति के सकुशल रिहाई को लेकर 20 लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। पति के अपहरण की सूचना मिलते ही पुरैनी थानाध्यक्ष को इसकी जानकारी दी। उसके बाद पुरैनी निवासी निरंजन यादव को नामजद अभियुक्त बनाते हुए मामला दर्ज कराया। थानाध्यक्ष राजेश चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी गिरफ्तारी कर गहन पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। दर्ज मामले में चर्चा है कि एक माह पूर्व निरंजन यादव की भैंस मर गई थी। उसने अपहृत पर आरोप लगाया था कि उनके खेत के दवाई छिड़के फसल के चरने के कारण ही भैंस की मौत हुई। निरंजन यादव ने उसे देख लेने की धमकी भी दी थी। अपहृत के पत्नी ने आशंका व्यक्त की है कि उसी ने बदले की भावना से पति का अपहरण करवाकर फिरौती की मांग करवा रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर कई पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। जल्द ही मामले का उद्भेदन कर अपहृत की सकुशल बरामदगी सहित अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया जाएगा। बहरहाल मामला चाहे जो भी हो लेकिन एक मजदूर का अपहरण कर 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग करना किसी के गले से नीचे नहीं उतर रहा है।