सुपौल में रिश्वत लेते वायरल वीडियो पर बड़ी कार्रवाई, महिला पर्यवेक्षिका और आंगनबाड़ी सेविका चयनमुक्त
सुपौल। छातापुर बाल विकास परियोजना कार्यालय से जुड़े रिश्वत के वायरल वीडियो मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के आदेश पर महिला पर्यवेक्षिका (LS) संगीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से अनुबंधमुक्त कर दिया गया है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-52, जीवछपुर की सेविका ममता कुमारी को भी चयनमुक्त कर दिया गया है।
दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, छातापुर को दिया गया है।
28 सितंबर को वायरल हुआ था वीडियो
मामला 28 सितंबर को उस समय सामने आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी को कथित तौर पर नगद राशि लेते हुए दिखाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद डीएम के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई।
जांच के दौरान सेविका ममता कुमारी ने अपने लिखित बयान और शपथ-पत्र में बताया कि वीडियो उसके द्वारा 18 जुलाई को बनाया गया था, जिसे करीब दो महीने बाद 28 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि संगीता कुमारी की ओर से नगद राशि के लेन-देन को लेकर कोई अलग साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
वायरल वीडियो और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई
डीएम के आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध प्राथमिक साक्ष्यों और वायरल वीडियो से बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में नगद राशि के लेन-देन का मामला प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है। इसे सरकारी नियमों और लोक सेवक आचरण नियमावली के प्रतिकूल मानते हुए गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया।
इसी आधार पर महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से अनुबंधमुक्त करने का आदेश जारी किया गया।
सेविका पर भी हुई कार्रवाई
मामले में आंगनबाड़ी सेविका ममता कुमारी पर भी कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार, सक्षम पदाधिकारी को शिकायत किए बिना राशि लेने की घटना का वीडियो बनाने तथा मामले की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहीं देने को गंभीर कदाचार माना गया।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान संचालन से संबंधित गंभीर अनियमितताएं भी सामने आने की बात जांच में कही गई है। इन आधारों पर ममता कुमारी को चयनमुक्त कर दिया गया और उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
7 अक्टूबर को जारी हुए दोनों आदेश
डीएम सावन कुमार की ओर से दोनों कार्रवाई संबंधी आदेश 7 अक्टूबर की शाम जारी किए गए। प्रशासन ने कार्रवाई को भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई बताया है।
Kosi Live की रिपोर्ट