सहरसा में पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई, घर में चल रहा था अवैध हथियार बनाने का धंधा; 42 वर्षीय गजाधर शर्मा गिरफ्तार
सहरसा जिले के सोनवर्षाराज क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई की है। बसनही थाना क्षेत्र के मनखाहा गांव में बुधवार सुबह करीब 4:45 बजे एक घर में छापेमारी कर पुलिस ने 42 वर्षीय गजाधर शर्मा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, अर्द्धनिर्मित हथियारों के पुर्जे, एक जिंदा कारतूस और दो खोखे समेत कई सामान बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि मनखाहा गांव निवासी गजाधर शर्मा अपने घर में अवैध रूप से हथियार बनाता है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और बरामद सामान की जांच के आधार पर कथित हथियार निर्माण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
गुप्त सूचना पर तड़के घर में हुई छापेमारी
बसनही थानाध्यक्ष विकास कुमार के अनुसार, पुलिस को गजाधर शर्मा के घर में अवैध हथियार निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सूचना का सत्यापन किया गया और छापेमारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।
बुधवार सुबह पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम मनखाहा गांव पहुंची और आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और अर्द्धनिर्मित हथियारों के पुर्जे मिले। पुलिस ने सभी सामानों को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
चार बैरल, छह ट्रिगर और मशीनें बरामद
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान चार बैरल, दो अर्द्धनिर्मित मास्केट बॉडी, राइफल का एक पुराना मैगजीन और छह ट्रिगर बरामद किए गए। इसके अलावा तीन ड्रिल मशीन, दो ग्राइंडर और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
मौके से एक जिंदा कारतूस और दो खोखे मिलने की भी जानकारी दी गई है। बरामद उपकरणों और पुर्जों की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनका इस्तेमाल किस प्रकार किया जा रहा था और क्या इस गतिविधि का संबंध किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क से है।
घर में हथियार बनाकर बेचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर घर में हथियार तैयार कर अन्य स्थानों पर बेचने की बात स्वीकार की है। हालांकि, यह पुलिस की ओर से बताया गया दावा है। हथियारों की बिक्री किन लोगों को की जाती थी, किन क्षेत्रों में उनकी आपूर्ति होती थी और इस गतिविधि में अन्य कौन लोग शामिल थे, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
पुलिस जब्त मोबाइल फोन की भी जांच कर सकती है, जिससे कथित हथियार कारोबार से जुड़े लोगों और संपर्कों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी अकेले इस गतिविधि में शामिल था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।
आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई, अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच
गजाधर शर्मा के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस बरामद सामान के स्रोत, हथियार निर्माण की गतिविधियों और कथित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने अवैध हथियार निर्माण से जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाने और अन्य संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल, मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।