सहरसा: अभिजीत सिंह हत्याकांड के दो आरोपी गिरफ्तार, फिर भी कई सवाल अनसुलझे; हत्या की वजह और साजिश की कड़ियां तलाश रही पुलिस
सहरसा: अभिजीत सिंह हत्याकांड को करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी वजह, कथित साजिश और अन्य लोगों की संभावित भूमिका को लेकर कई सवाल अब भी सामने हैं। परिजनों की ओर से भी मामले में गहराई से जांच की मांग की गई है।
स्कॉर्पियो खरीदने के लिए पैसों के इंतजाम की बात
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 16 सितंबर की सुबह से रात करीब 10 बजे तक अभिजीत स्कॉर्पियो खरीदने के लिए डाउन पेमेंट और गाड़ी के सामान के लिए पैसों का इंतजाम करने में लगा था। बताया जा रहा है कि वह किसी परिचित से करीब छह लाख रुपये की मांग कर रहा था।
ऐसे में जांच का एक अहम बिंदु यह है कि अभिजीत को अगर गाड़ी खरीदने के लिए पैसों का इंतजाम करना पड़ रहा था, तो उसके पास बड़ी रकम होने की बात किस आधार पर सामने आई। क्या उसे किसी से रकम मिलने वाली थी, कोई लेन-देन चल रहा था या पैसों से जुड़ा कोई दूसरा मामला था? इसका पता बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल और 16 सितंबर की बातचीत की जांच से लगाया जा सकता है।
घटनास्थल और फोरेंसिक रिपोर्ट से मिल सकते हैं अहम सुराग
पुलिस के अनुसार हत्या 17 सितंबर को होने का अनुमान है, जबकि शव 18 सितंबर को बरामद हुआ था। घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों की पुष्टि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हो सकती है।
घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच से हत्या के समय, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
हत्या की असली वजह अब भी जांच का अहम हिस्सा
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल हत्या की वजह को लेकर है। क्या विवाद सिर्फ पैसे या स्कॉर्पियो खरीद से जुड़े लेन-देन को लेकर था या इसके पीछे कोई पुराना विवाद भी था?
जांच में यह भी पता लगाना जरूरी है कि हत्या से पहले अभिजीत किन लोगों के लगातार संपर्क में था, उसका किन लोगों से विवाद चल रहा था, क्या उसे पहले किसी तरह की धमकी मिली थी और घटना से पहले तथा बाद में संदिग्ध लोगों की गतिविधियां क्या थीं।
मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंक और यूपीआई लेन-देन तथा अभिजीत के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
गिरफ्तार आरोपियों से आगे भी जांच की जरूरत
दो आरोपियों की गिरफ्तारी और रिमांड पर पूछताछ के बावजूद यदि हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम स्पष्ट नहीं हुआ है, तो जांच में अन्य संभावित कड़ियों को भी जोड़ना महत्वपूर्ण हो जाता है।
स्कॉर्पियो खरीद के लिए पैसों का इंतजाम, अभिजीत की आखिरी बातचीत, मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य तथा गिरफ्तार आरोपियों की घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जांच से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।