मधेपुरा। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत मंगलेश कुमार मधुकर का चयन भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU), मधेपुरा में इतिहास विषय के सहायक प्राध्यापक पद पर हुआ है। करीब 17 वर्षों तक पुलिस सेवा में विभिन्न जिलों में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब वह शिक्षा के क्षेत्र में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि से मधेपुरा सहित उनके गृह क्षेत्र और परिचितों के बीच खुशी का माहौल है। पुलिस सेवा के साथ उच्च शिक्षा और शोध के प्रति उनकी लगन को इस सफलता की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
पुलिस सेवा के साथ जारी रखी पढ़ाई, मेहनत से हासिल की सफलता
मंगलेश कुमार मधुकर ने अपने चयन पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वह लंबे समय से अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस सेवा की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने पढ़ाई और शोध के प्रति अपनी रुचि बनाए रखी। निरंतर मेहनत, लगन और उच्च शिक्षा के प्रति समर्पण के परिणामस्वरूप उन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है।
मंगलेश मधुकर इतिहास विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) उत्तीर्ण करने के साथ पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त कर चुके हैं। इन शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर उन्होंने विश्वविद्यालय में अध्यापन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में प्रयास जारी रखा। अब सहायक प्राध्यापक पद पर चयन के बाद उन्हें विद्यार्थियों के बीच अपने विषय का ज्ञान साझा करने और शोध संबंधी अनुभव का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
2009 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं मंगलेश मधुकर
मंगलेश कुमार मधुकर बिहार पुलिस के वर्ष 2009 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं। उनकी पहली पोस्टिंग अगस्त 2010 में मधेपुरा जिले में हुई थी। उन्होंने यहां 18 फरवरी 2014 तक पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद फरवरी 2014 से अगस्त 2021 तक वह सहरसा जिले में तैनात रहे।
सितंबर 2021 से फरवरी 2024 तक उन्होंने सुपौल जिले में अपनी सेवाएं दीं। फरवरी 2024 में उनका स्थानांतरण बक्सर जिले में हुआ, जहां उन्होंने 19 जुलाई 2026 तक कार्य किया। इसके बाद जुलाई 2026 से वह बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
विभिन्न जिलों में लंबे समय तक पुलिस सेवा देने के बाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में चयन उनके पेशेवर जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। पुलिस सेवा के अनुभव के साथ-साथ उनकी अकादमिक उपलब्धियां भी इस सफलता को खास बनाती हैं।
बेगूसराय में है घर, कुमारखंड से पुराना जुड़ाव
मंगलेश कुमार मधुकर का घर बेगूसराय में है, लेकिन उनका मधेपुरा जिले से पुराना पारिवारिक जुड़ाव रहा है। उनके पिता मधेपुरा जिले के कुमारखंड स्थित उच्च विद्यालय में कार्यरत थे और वर्ष 2008 में वहीं से सेवानिवृत्त हुए थे। पिता की नौकरी के कारण मंगलेश मधुकर का इस क्षेत्र से लंबे समय तक संपर्क बना रहा।
अब भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में इतिहास विषय के सहायक प्राध्यापक पद पर चयन होने से उनका इस क्षेत्र से संबंध एक नए रूप में मजबूत होगा। जिस जिले से उनका पारिवारिक जुड़ाव रहा है, उसी क्षेत्र के विश्वविद्यालय में शिक्षा और अध्यापन के माध्यम से योगदान देने का अवसर मिलना उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
विद्यार्थियों को मिलेगा ज्ञान और शोध अनुभव का लाभ
मंगलेश मधुकर की शैक्षणिक योग्यता और शोध के प्रति रुचि से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इतिहास विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और शोध कार्य का अनुभव रखने के कारण वह विद्यार्थियों को विषय की गहरी समझ विकसित करने में मदद कर सकेंगे।
पुलिस सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में काम करने से उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर भी मिला है। अब शिक्षा के क्षेत्र में उनकी नई भूमिका विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक गतिविधियों में योगदान देने का अवसर प्रदान करेगी।
पुलिस से शिक्षा के क्षेत्र में नई पारी
मंगलेश कुमार मधुकर का चयन इस बात का उदाहरण है कि पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच भी निरंतर अध्ययन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। करीब 17 वर्षों की पुलिस सेवा के बाद अब वह विश्वविद्यालय में अध्यापन की जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उनकी इस उपलब्धि से परिचितों और क्षेत्र के लोगों में खुशी है। हालांकि, विश्वविद्यालय में योगदान देने की तिथि और वर्तमान पुलिस सेवा से संबंधित औपचारिक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल, इतिहास विषय के सहायक प्राध्यापक पद पर उनका चयन उनके करियर का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय है।