भागलपुर में दारोगा योगेश कुमार की मौत पर सवाल, कमरे से मिला सुसाइड नोट; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
भागलपुर/नवगछिया। बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस लाइन में दारोगा योगेश कुमार शाह (32) की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शनिवार सुबह पुलिस लाइन स्थित उनके कमरे में पंखे से लटका शव मिला था। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कथित तौर पर अंतरजातीय प्रेम विवाह और पारिवारिक सामंजस्य की समस्या का जिक्र किया गया है। नोट में शादी के बाद की परिस्थितियों को लेकर निराशा व्यक्त किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं, मृतक के परिजनों ने इस घटना को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनके फूफा और जीजा ने आरोप लगाया है कि योगेश पर विभागीय अधिकारियों का दबाव था और उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, हत्या के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शादी के बाद परेशान रहते थे योगेश, मां ने बताई पारिवारिक कलह की बात
योगेश कुमार की मां उर्वशी देवी के मुताबिक, शादी के बाद उनका बेटा काफी परेशान रहने लगा था। उन्होंने बताया कि योगेश ने अपनी पसंद से गुड़िया कुमारी से प्रेम विवाह किया था। मां का कहना है कि उन्होंने बेटे को शादी नहीं करने की सलाह दी थी, लेकिन योगेश ने अपनी पसंद से शादी करने का फैसला लिया।
उर्वशी देवी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद गुड़िया योगेश से ठीक से बात नहीं करती थीं, जिससे वह परेशान रहता था। हालांकि, पारिवारिक विवाद की वास्तविक वजह और उसकी परिस्थितियों को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा ने भी बताया कि शादी के बाद पारिवारिक विवाद के कारण योगेश तनाव में रहता था। पुलिस को उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला है। फिलहाल, नोट में लिखी बातों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप- अधिकारियों के दबाव में थे योगेश
योगेश के फूफा हेमंत कुमार साह, जो झारखंड के गोड्डा के रहने वाले हैं, ने आरोप लगाया कि विभाग में योगेश पर काम का काफी दबाव था। उनके मुताबिक, योगेश ने अपने पिता को भी अधिकारियों द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने की बात बताई थी।
फूफा का कहना है कि योगेश को पहले अपराध शाखा में भेजा गया और चुनाव के दौरान दोबारा नवगछिया बुला लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योगेश का तबादला करीब छह महीने पहले भागलपुर हो चुका था, तो उन्हें नवगछिया से मुक्त क्यों नहीं किया गया।
परिजनों ने विभागीय दबाव, तबादले और कार्यस्थल की परिस्थितियों की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटनास्थल की परिस्थितियों पर भी उठाए सवाल
योगेश के जीजा कुमार मंडल ने भी उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान उन्हें जो परिस्थितियां दिखाई दीं, उनसे कई सवाल खड़े होते हैं।
परिजनों के मुताबिक, कमरे में पलंग और पंखे की ऊंचाई तथा योगेश की लंबाई को देखते हुए उन्हें घटना पर संदेह है। उन्होंने इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग भी उठाई है। हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
जुलाई में हुई थी शादी, पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत
योगेश कुमार शाह मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड के बाराहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत कप्पाडीह गांव के रहने वाले थे। उनकी शादी इसी साल जुलाई में भागलपुर के रन्नूचक मदनपुर निवासी गुड़िया कुमारी से हुई थी। उनकी पत्नी पटना सचिवालय में कार्यरत बताई गई हैं।
परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही योगेश की निजी जिंदगी में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, इस तनाव की प्रकृति और घटना से उसके किसी संभावित संबंध की जांच की जानी बाकी है।
16 अक्टूबर को ASI से SI पद पर हुए थे पदोन्नत
योगेश कुमार को 16 अक्टूबर 2026 को सहायक अवर निरीक्षक (ASI) से पुलिस अवर निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नति मिली थी। वह करीब सात वर्षों से नवगछिया में एसपी के रीडर के रूप में काम कर रहे थे।
परिजनों का कहना है कि उनका तबादला पहले भागलपुर हो चुका था, लेकिन उन्हें नवगछिया से कार्यमुक्त नहीं किया गया। परिवार ने इस बात की भी जांच की मांग की है कि तबादले के बावजूद उन्हें वहीं क्यों रखा गया और क्या कार्यस्थल पर किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव था।
हालांकि, तबादले और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बचपन में मां को खोया, सौतेली मां ने किया पालन-पोषण
योगेश के पारिवारिक जीवन की कहानी भी बेहद भावुक है। बताया गया कि जब वह महज तीन साल के थे, तभी सांप के काटने से उनकी मां सरस्वती देवी की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके पिता रामकृष्ण साह ने बच्चों के पालन-पोषण के लिए उर्वशी देवी से दूसरी शादी की।
उर्वशी देवी ने योगेश को अपने बच्चों की तरह पाला। उनके मुताबिक, योगेश ने कभी उन्हें सौतेली मां होने का अहसास नहीं होने दिया और हमेशा सम्मान दिया। बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिवार में योगेश के अलावा कई बहनें और दो भाई हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, योगेश अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता पहले मिल चलाया करते थे।
बांका में हुआ अंतिम संस्कार, जांच पर टिकी निगाहें
योगेश कुमार की मौत के बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए बांका स्थित पैतृक क्षेत्र ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, पुलिस के सामने सुसाइड नोट, कथित पारिवारिक विवाद, विभागीय दबाव के आरोप और घटनास्थल की परिस्थितियों से जुड़े कई सवाल हैं। अब जांच में जुटी पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि योगेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों, सुसाइड नोट की जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।