Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:पुलिस लाइन में दारोगा योगेश कुमार की संदिग्ध मौत, 3 साल की उम्र में मां को खोया था; 3 महीने पहले हुई थी शादी - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Saturday, October 24, 2026

BIHAR:पुलिस लाइन में दारोगा योगेश कुमार की संदिग्ध मौत, 3 साल की उम्र में मां को खोया था; 3 महीने पहले हुई थी शादी

नवगछिया पुलिस लाइन में दारोगा योगेश कुमार की संदिग्ध मौत, 3 साल की उम्र में मां को खोया था; 3 महीने पहले हुई थी शादी

भागलपुर/बांका: नवगछिया पुलिस लाइन में पदस्थापित दारोगा योगेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके पैतृक गांव बांका जिले के तप्पाड़ीह में मातम पसर गया है। पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में शनिवार सुबह उनका शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

सरकारी क्वार्टर में मिला शव, सहकर्मी ने दी सूचना

जानकारी के अनुसार, दारोगा योगेश कुमार नवगछिया पुलिस अधीक्षक कार्यालय की अपराध शाखा में तैनात थे। वह पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे। शनिवार सुबह करीब छह बजे एक सहकर्मी पुलिस पदाधिकारी उनके कमरे पर पहुंचे। इस दौरान योगेश कुमार का शव पंखे से लटका मिला।

सहकर्मी ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस लाइन और वरीय अधिकारियों को दी। घटना की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की।

एसपी समेत कई अधिकारी पहुंचे, FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की सूचना मिलने पर नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा, एसडीपीओ सईम रजा और मुख्यालय डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सरकारी क्वार्टर का निरीक्षण किया और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।

साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए क्वार्टर को सील कर दिया गया। वहीं, मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट जुटाए हैं।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों में योगेश कुमार की मौत हुई। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच पूरी होने और अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 तीन साल की उम्र में मां को खोया, सौतेली मां ने दिया मां जैसा प्यार

योगेश कुमार का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा था। बताया जाता है कि जब वह महज तीन साल के थे, तभी उनकी सगी मां सरस्वती देवी की सांप के काटने से मौत हो गई थी। इतनी कम उम्र में मां का साया उठ जाने के बाद उनके पिता रामकृष्ण साह ने उर्वशी देवी से दूसरा विवाह किया।

परिजनों के अनुसार, उर्वशी देवी ने योगेश को कभी सौतेले बेटे की तरह नहीं देखा। उन्होंने अपने बच्चों की तरह, बल्कि उनसे भी बढ़कर स्नेह और दुलार देकर उनका पालन-पोषण किया। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर योगेश ने पढ़ाई पूरी की और बिहार पुलिस में नौकरी हासिल की।

दारोगा बनने के बाद उन्होंने अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया था। उनकी सफलता से परिजन और ग्रामीण गौरवान्वित थे।

 हाल ही में मिला था प्रमोशन, एसपी ने कंधे पर लगाया था बैच

योगेश कुमार को हाल ही में विभागीय पदोन्नति के तहत जमादार से सब-इंस्पेक्टर यानी दारोगा के पद पर प्रोन्नति मिली थी। इस उपलब्धि पर नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा ने विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें कंधे पर बैच पहनाया था।

प्रमोशन के बाद परिवार और परिचितों के बीच खुशी का माहौल था। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही समय बाद इस तरह की दुखद घटना सामने आएगी। योगेश की मौत से उनके सहकर्मी और परिचित भी स्तब्ध हैं।

 तीन महीने पहले ही हुई थी शादी

योगेश कुमार के जीवन में हाल ही में नई खुशियों ने दस्तक दी थी। बीते 1 जुलाई को उनकी शादी पटना सचिवालय में कार्यरत एक महिला कर्मी से हुई थी। शादी के बाद परिवार में खुशियों का माहौल था और सभी उनके सुखद वैवाहिक जीवन की उम्मीद कर रहे थे।

लेकिन सरकारी क्वार्टर में उनकी संदिग्ध मौत की खबर ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। पैतृक गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से दुखी हैं।

 मौत की वजह जानने में जुटी पुलिस

दारोगा योगेश कुमार की मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिस्थितियों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। इस घटना ने एक बार फिर पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।