नेहा कुमारी 80 प्रतिशत झुलसी, बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर; दस्तावेज नहीं देने वाले चालकों पर होगी कार्रवाई
जमुई। चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटने से दो छात्राओं के झुलसने की घटना के बाद जमुई में ई-रिक्शा वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। शुक्रवार को परिवहन विभाग की टीम ने मलयपुर स्टेशन मुख्य सड़क पर मनीदीप स्कूल के पास जांच अभियान चलाया। इस दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने वाले करीब एक दर्जन ई-रिक्शा को पकड़ा गया। विभाग ने चालकों को जरूरी कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बैटरी विस्फोट में दो छात्राएं झुलसीं
दरअसल, शुक्रवार सुबह जमुई में एक चलती ई-रिक्शा की बैटरी में विस्फोट होने से वाहन में आग लग गई थी। इस हादसे में इंटर की दो छात्राएं झुलस गईं। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस हादसे में नेहा कुमारी करीब 80 प्रतिशत झुलस गई हैं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। वहीं, दूसरी छात्रा अंजनी कुमारी का एक निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद ई-रिक्शा की बैटरी की सुरक्षा, वाहनों की स्थिति और नियमित जांच को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मलयपुर स्टेशन रोड पर चला जांच अभियान
घटना के दिन ही परिवहन विभाग की टीम ने मलयपुर स्टेशन मुख्य सड़क पर मनीदीप स्कूल के पास ई-रिक्शा की जांच की। सड़क पर अचानक जांच शुरू होने से चालकों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने ई-रिक्शा चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस, नंबर प्लेट और वाहन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे। जो चालक मौके पर आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके, उनके करीब 12 वाहनों को पकड़ा गया।
कागजात दिखाने पर छोड़े जाएंगे वाहन
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) सुनील कुमार ने बताया कि नियमित जांच अभियान के तहत ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की जांच की गई है। इस दौरान नंबर प्लेट, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित जरूरी कागजात की पड़ताल की गई।
उन्होंने बताया कि संबंधित चालकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जो चालक सही कागजात दिखाएंगे, उन्हें छोड़ दिया जाएगा। निर्धारित समय पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा की सुरक्षा पर उठे सवाल
बैटरी विस्फोट की घटना ने ई-रिक्शा की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की स्थिति और जरूरी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, परिवहन विभाग ने जांच अभियान को नियमित निरीक्षण की कार्रवाई बताया है। बैटरी विस्फोट की घटना और जांच अभियान के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Kosi Live की रिपोर्ट