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Tuesday, October 20, 2026

सिपाही हत्याकांड: 5 करोड़ का रिसॉर्ट बनाने की तैयारी में थी आरोपी महिला SI! 10 गुर्गों के सिंडिकेट का दावा, शराब तस्करी और वसूली के गंभीर आरोप

### नालंदा सिपाही हत्याकांड: 5 करोड़ का रिसॉर्ट बनाने की तैयारी में थी आरोपी महिला SI! 10 गुर्गों के सिंडिकेट का दावा, शराब तस्करी और वसूली के गंभीर आरोप

नालंदा | बिहार

बिहार के नालंदा में मद्यनिषेध विभाग के ईआईबी सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड में नामजद महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुष्पा कुमारी राजगीर में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से रिसॉर्ट बनाने की तैयारी में थी। उसके पूर्व सहयोगियों ने दावा किया है कि वह कथित तौर पर करीब 10 निजी लोगों की टीम के जरिए शराब तस्करी, अवैध वसूली और छापेमारी का नेटवर्क चलाती थी।

हालांकि, ये आरोप पूर्व सहयोगियों के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

### खाकी की आड़ में निजी टीम चलाने का आरोप

दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, पुष्पा कुमारी के पूर्व सहयोगियों ने दावा किया कि वह विभाग की आधिकारिक टीम से अलग निजी युवकों की एक टीम रखती थी। आरोप है कि इस टीम के कुछ सदस्य पुलिस जैसी वर्दी पहनते थे और निजी हथियारों के साथ चलते थे।

पूर्व सहयोगियों का दावा है कि शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान यह टीम फायरिंग करने से भी पीछे नहीं हटती थी। हिलसा में तैनाती के दौरान भी कई बार गोली चलाने के आरोप लगाए गए हैं। इन दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जांच से होनी बाकी है।

### सिपाही अजीत कुमार की हत्या में दोनों तरफ से फायरिंग का दावा

ईआईबी सिपाही अजीत कुमार की हत्या के मामले में पूर्व सहयोगियों ने दावा किया कि चलती स्कॉर्पियो पर दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलाई गई थीं। उनके अनुसार, घटना में सरकारी हथियारों के साथ निजी हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ था।

इस हत्याकांड में पुष्पा कुमारी का नाम सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि, घटना में किसकी क्या भूमिका थी और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

### शराब की गाड़ी छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये लेने का आरोप

रिपोर्ट में पूर्व सहयोगियों के हवाले से शराब कारोबारियों के साथ कथित सांठगांठ का भी दावा किया गया है। आरोप है कि शराब से लदे वाहन को छोड़ने के बदले एक मामले में 20 लाख रुपये तक की रकम ली गई थी।

इसके अलावा, जब्त शराब को कथित तौर पर निजी नेटवर्क के माध्यम से दोबारा तस्करी कराने और शराब पीने के आरोप में पकड़े गए लोगों को छोड़ने के बदले उनके परिजनों से 3,000 से 3,500 रुपये तक वसूलने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पूर्व सहयोगियों ने यह भी दावा किया कि मामले की गहराई से जांच होने पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल, इन आरोपों को जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

### हिलसा में भी विवादों में रही थी पुष्पा कुमारी

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2023 से फरवरी 2026 के बीच हिलसा अनुमंडल में तैनाती के दौरान भी पुष्पा कुमारी पर गंभीर आरोप लगे थे। दावा किया गया है कि उस समय भी गैर-सरकारी युवकों को वर्दी पहनाकर छापेमारी टीम में शामिल करने और कथित वसूली करने की शिकायतें सामने आई थीं।

इस्लामपुर थाना क्षेत्र के शरीफाबाद में फरवरी 2023 में हुई एक छापेमारी का भी जिक्र किया गया है। शराब मामले में ग्रामीणों को पकड़े जाने के विरोध में स्थानीय लोगों और पुलिस टीम के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान पांच पुलिसकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होने, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त होने और पुलिस टीम द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

हालांकि, इन पुरानी घटनाओं और वर्तमान हत्याकांड के बीच संबंध की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

### निजी जीवन को लेकर भी रिपोर्ट में दावा

रिपोर्ट में पुष्पा कुमारी की शादी और वैवाहिक जीवन का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, उनकी शादी वर्ष 2024 में एक कारोबारी परिवार में हुई थी। दावा है कि नौकरी छोड़ने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ और शादी के महज चार दिन बाद दोनों अलग हो गए थे।

यह विवरण भी रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसका सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड की जांच से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

### अब जांच पर टिकी निगाहें

सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड ने मद्यनिषेध विभाग की कार्यप्रणाली, छापेमारी टीमों की निगरानी और कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। यदि निजी टीम चलाने, शराब कारोबारियों से सांठगांठ और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं रहेगा।

अब सबसे अहम सवाल यह है कि जांच एजेंसियां कथित सिंडिकेट, हथियारों के इस्तेमाल, वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े आरोपों की कितनी गहराई से जांच करती हैं। फिलहाल, सभी आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होनी बाकी है।