मधेपुरा में शराब तस्करी के आरोपी को 5 साल की जेल, 1 लाख रुपये जुर्माना; 2022 में घर से मिली थी 25 लीटर विदेशी शराब
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में शराब बरामदगी के चार साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला एक्साइज न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार राय की अदालत ने सुनाया।
दोषी की पहचान शंकरपुर थाना क्षेत्र के झरकाहा गांव के वार्ड संख्या-11 निवासी मुकेश कुमार के रूप में हुई है। मामला उत्पाद वाद संख्या 772/21 से जुड़ा है। विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) ज्ञानेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि एक्साइज कोर्ट नंबर-2 में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार राय ने सजा सुनाई।
14 मार्च 2022 को घर में हुई थी छापेमारी
मामले के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम ने 14 मार्च 2022 को गुप्त सूचना के आधार पर मुकेश कुमार के घर पर छापेमारी की थी। विभाग को सूचना मिली थी कि पंचायत चुनाव के दौरान बिक्री के लिए विदेशी शराब मंगाई गई थी। आरोप था कि शराब को नवनिर्मित मकान में रखकर बेचा जाता था।
सूचना का सत्यापन करने के बाद उत्पाद विभाग की टीम शाम करीब छह बजे आरोपी के घर पहुंची और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।
तीन बोरियों में मिली थी 25 लीटर विदेशी शराब
छापेमारी के दौरान नवनिर्मित मकान के आंगन से बरामदे की ओर जाने वाली सीढ़ी के पास तीन बोरियों में शराब रखी मिली। जांच के दौरान बोरियों से अलग-अलग ब्रांड की करीब 25 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई थी।
शराब बरामद होने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चली।
अदालत ने सुनाई पांच साल की सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मुकेश कुमार को दोषी ठहराते हुए पांच साल के कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत के इस फैसले के बाद शराब बरामदगी के पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। बिहार में शराबबंदी कानून के तहत दर्ज इस मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।