रानू सिंह हत्याकांड में SIT और STF की कार्रवाई तेज, खिजरसराय के बिंदौल गांव से राहुल कुमार गिरफ्तार; दो हथियार और तीन गोलियां बरामद
गया। बिहार के गया जिले में दारोगा के बेटे रानू शेखर उर्फ रानू सिंह की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में 19 अक्टूबर की रात हुई गोलीबारी में रानू सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनके बड़े भाई मोनू शेखर उर्फ मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस विशेष जांच टीम (SIT) और एसटीएफ की मदद से आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इस मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपितों के घायल होने और खिजरसराय थाना क्षेत्र के बिंदौल गांव से राहुल कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। राहुल के पास से दो हथियार और तीन गोलियां बरामद किए जाने की बात कही गई है। पुलिस बरामद हथियारों की जांच के साथ गिरफ्तार आरोपितों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
फोन कर दोनों भाइयों को बुलाने की बात आई सामने
घटना 19 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे की बताई गई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी के नजदीक गोलीबारी हुई थी। इसमें मोतिहारी में तैनात दारोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों रानू सिंह (30) और मोनू सिंह (32) को गोली लगी थी।
गोलीबारी में छोटे भाई रानू सिंह की मौत हो गई, जबकि बड़े भाई मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया था। बाद में मोनू को बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई।
परिजनों के अनुसार, मोहल्ले में किसी व्यक्ति के साथ विवाद होने के बाद दोनों भाइयों को फोन कर मौके पर बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पुराने विवाद और आपसी वर्चस्व समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
घटनास्थल से मिले तीन खोखे, FSL ने जुटाए साक्ष्य
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से 7.65 एमएम के तीन कारतूस के खोखे बरामद किए थे। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने सहित अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए।
पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर गोलीबारी में इस्तेमाल हथियारों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर डीएसपी अभिनव कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। मृतक के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में कांड संख्या 1168/26 के तहत सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की।
रिटायर्ड दारोगा समेत दो लोगों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने सेवानिवृत्त दारोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह और गौरव कुमार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी। दोनों की गिरफ्तारी सिद्धार्थपुरी इलाके से बताई गई।
इसके बाद फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने कई इलाकों में छापेमारी की। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट करने में जुटी रही।
पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपित घायल
हत्याकांड के आरोपितों की तलाश के दौरान गुरुवार देर रात पुलिस और संदिग्ध आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। रिपोर्टों के अनुसार, भदेजा के मुरकट्टा मझौली से बिछी गांव जाने वाले सुनसान रास्ते पर हुई इस मुठभेड़ में पुलिस टीम पर गोलीबारी की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।
इस दौरान दो आरोपित घायल हो गए। एक रिपोर्ट में उनकी पहचान श्याम बिहारी और गौरव उर्फ काला के रूप में बताई गई, जबकि दूसरी रिपोर्ट में साकेत बिहारी उर्फ बिहारी सिंह और गौरव सिंह के नाम सामने आए हैं। दोनों को पैर में गोली लगने के बाद अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी दी गई है।
घायल आरोपितों के नामों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। ऐसे में उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। गया के एसएसपी सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
खिजरसराय के बिंदौल गांव से राहुल कुमार गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई के दौरान खिजरसराय थाना क्षेत्र के बिंदौल गांव से राहुल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो हथियार और तीन गोलियां बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, राहुल कुमार की गिरफ्तारी का रानू सिंह हत्याकांड से सीधा संबंध क्या है और बरामद हथियारों का इस्तेमाल इस घटना में हुआ था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है।
परिवार को छोटे बेटे की हत्या का गम, बड़े बेटे के इलाज की चिंता
रानू सिंह की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक ओर परिवार छोटे बेटे की हत्या के दुख से उबर नहीं पा रहा है, वहीं दूसरी ओर बड़े बेटे मोनू सिंह के इलाज को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
घटना के बाद अतरी विधायक रोमित कुमार ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के लिए एसएसपी से बात की थी।
फरार आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि रानू सिंह हत्याकांड में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। SIT और STF की टीमें मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। बरामद हथियारों, कारतूसों और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि दोनों भाइयों को फोन कर किसने बुलाया था, गोलीबारी के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और हत्या की साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका रही।