किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये की स्मैक जैसे नशीले पदार्थ की खेप बरामद की है। पुलिस ने 434.10 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान उसके घर से 85,990 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और दो डिजिटल वजन मशीन भी बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, जब्त नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उमर फारूक (31 वर्ष), पिता अजीजुर रहमान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले का रहने वाला है और फिलहाल किशनगंज के खगड़ा पासवान टोला में किराए के मकान में रह रहा था।
### गुप्त सूचना पर खगड़ा पासवान टोला में छापेमारी
जानकारी के अनुसार, किशनगंज के एसपी संतोष कुमार के निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि किशनगंज थाना क्षेत्र के खगड़ा पासवान टोला में रहने वाला उमर फारूक अपने घर में नशीला पदार्थ रखकर उसकी खरीद-बिक्री कर रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले उसका सत्यापन कराया। इसके बाद एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई। एएनटीएफ, जिला आसूचना इकाई और विशेष कार्य बल की संयुक्त टीम ने वार्ड नंबर-32 स्थित आरोपी के घर पर छापेमारी की।
### घर से 434.10 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी उमर फारूक को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके घर से 434.10 ग्राम स्मैक जैसा नशीला पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने इसके अलावा 85,990 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ का वजन करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो डिजिटल वजन मशीन भी जब्त की हैं।
पुलिस के मुताबिक, बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। नकदी, मोबाइल फोन और वजन मशीनों की बरामदगी के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री किस स्तर पर और किन लोगों के साथ मिलकर करता था।
### पश्चिम बंगाल का रहने वाला है आरोपी
पुलिस की पहचान संबंधी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार उमर फारूक के पिता का नाम अजीजुर रहमान है। उसका स्थायी पता पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी थाना क्षेत्र में बताया गया है। वह किशनगंज के खगड़ा इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, इस कारोबार में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और नशीले पदार्थ की आपूर्ति कहां से की जाती थी, इसकी जांच अभी जारी है।
### मोबाइल फोन की जांच से खुलेगा तस्करी नेटवर्क का राज
पुलिस अब आरोपी के संपर्कों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इसके लिए बरामद तीनों मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और नशीले पदार्थ की खरीद तथा बिक्री के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान नशीले पदार्थ की आपूर्ति करने वालों और संभावित खरीदारों की पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी के आधार पर इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
### NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में किशनगंज थाना में कांड संख्या 1133/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 8(c)/21(c) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद नशीले पदार्थ, नकदी, मोबाइल फोन तथा डिजिटल वजन मशीनों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।